बीबीएन, नेटवर्क। राजस्थान विधानसभा में बुधवार को 3,79,617 करोड़ रुपये का वार्षिक बजट पेश किया गया। ‘संकल्प से सिद्धि’ थीम पर तैयार इस बजट को केंद्र सरकार के ‘विकसित भारत 2047’ विजन के अनुरूप बताया जा रहा है। मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत इस बजट में किसानों, युवाओं और महिलाओं को साधते हुए राज्य को देश की आर्थिक इकाई के रूप में स्थापित करने पर जोर दिया गया है।
कृषि क्षेत्र को राष्ट्रीय मॉडल बनाने की कोशिश
सरकार ने किसानों के लिए 25,000 करोड़ रुपये के ब्याज मुक्त ऋण का लक्ष्य रखा है, जिस पर 800 करोड़ रुपये का ब्याज राज्य सरकार वहन करेगी। ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सब्सिडी से तीन लाख किसान जुड़ेंगे, वहीं 36,000 नए खेत तालाब बनाए जाएंगे। ऊर्जा क्षेत्र में बीकानेर और जैसलमेर में सोलर पार्क के लिए 3,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो देश के नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों को मजबूती देंगे।
युवा स्वरोजगार और शिक्षा में बड़ा बदलाव
मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत 30,000 युवाओं को 10 लाख रुपये तक के ऋण पर पूर्ण अनुदान दिया जाएगा। एक लाख युवाओं को शत-प्रतिशत ब्याज सब्सिडी का लाभ मिलेगा। परीक्षा पारदर्शिता के लिए राजस्थान स्टेट टेस्टिंग एजेंसी (RSTA) का गठन किया जाएगा, जिसे दूसरे राज्यों के लिए मॉडल के रूप में पेश किया जा सकता है। 500 स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा और 150 कॉलेजों में स्किल सेंटर खोले जाएंगे।
लखपति दीदी और नंदघर मॉडल
महिला सशक्तिकरण की दिशा में मुख्यमंत्री लखपति दीदी योजना के तहत ऋण सीमा एक लाख से बढ़ाकर डेढ़ लाख रुपये कर दी गई है। ग्रामीण बीपीओ स्थापना के लिए 100 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। 7,500 आंगनबाड़ी केंद्रों को ‘नंदघर’ के रूप में विकसित किया जाएगा, जो बाल पोषण और डिजिटल शिक्षा का केंद्र बनेंगे।
रियल एस्टेट और पर्यटन में निवेश को बढ़ावा
रियल एस्टेट क्षेत्र में स्टांप ड्यूटी एक प्रतिशत से घटाकर आधा प्रतिशत कर दी गई है, जिससे आवास क्षेत्र को रफ्तार मिलेगी। पर्यटन के क्षेत्र में जैसलमेर में 5,000 करोड़ रुपये के अल्ट्रा लक्जरी पर्यटन हब का प्रस्ताव है, जबकि शेखावाटी की हवेलियों के संरक्षण के लिए 200 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे पर दोहरा जोर
स्वास्थ्य क्षेत्र में ‘राजमाता योजना’ के तहत मानसिक स्वास्थ्य के लिए जयपुर में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस खोला जाएगा। मोक्ष वाहिनी योजना के तहत दुर्घटना में मृत व्यक्तियों के शव घर पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। सड़क एवं पुल निर्माण के लिए 2,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिसमें अटल पथ एक्सप्रेसवे के लिए 500 करोड़ रुपये शामिल हैं।
राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य: 2047 के लक्ष्य की नींव
राज्य सरकार का यह बजट 2047 तक राजस्थान को विकसित राज्य बनाने के संकल्प के साथ पेश किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्र के ‘विकसित भारत’ एजेंडे से तालमेल बनाकर राजस्थान ने सेवा, सुरक्षा और सुशासन के सिद्धांतों को आधार बनाया है। हर घर नल योजना के लिए 6,800 करोड़ रुपये का आवंटन और 50,000 सोलर पंप की घोषणा इसे पर्यावरण संरक्षण एवं जल सुरक्षा के राष्ट्रीय अभियानों से जोड़ती है।





