बीबीएन, बीकानेर। जिले के ऊपनी गांव में आवारा कुत्ते के हमले में गंभीर रूप से घायल हुए 4 वर्षीय बालक रामनाथ को नया जीवन मिला है। बच्चे के सिर पर गहरे जख्म, त्वचा की क्षति और हड्डी तक चोट पहुंचने जैसी गंभीर स्थिति के बावजूद पीबीएम अस्पताल के सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक में सफल प्लास्टिक सर्जरी कर उसे स्वस्थ किया गया। खास बात यह रही कि पूरा इलाज मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत पूरी तरह नि:शुल्क किया गया।
घटना के बाद बच्चे को तुरंत अस्पताल लाया गया, जहां पहले रेबीज प्रोटोकॉल के तहत वैक्सीन की तीन डोज दी गईं। इसके बाद प्लास्टिक सर्जरी विभाग की टीम ने जटिल ऑपरेशन की तैयारी की। सर्जरी का नेतृत्व अजयपाल चौधरी ने किया, जिन्होंने आधुनिक तकनीकों की मदद से सिर के बड़े घाव को सफलतापूर्वक ठीक किया।
डॉक्टरों के अनुसार, ऑपरेशन में एंटीरियर स्कैल्प ट्रांसपोजिशन और पोस्टीरियर स्कैल्प रोटेशन फ्लैप जैसी उन्नत तकनीकों का उपयोग किया गया। इस प्रक्रिया में सिर की आसपास की स्वस्थ त्वचा को स्थानांतरित कर घाव को ढका जाता है, जिससे न केवल संक्रमण का खतरा कम होता है बल्कि सौंदर्य और कार्यात्मक परिणाम भी बेहतर रहते हैं। विशेषज्ञों ने बताया कि यह सर्जरी चुनौतीपूर्ण थी, क्योंकि चोट सिर की हड्डी तक पहुंच चुकी थी। लेकिन समय पर उपचार, विशेषज्ञ टीम और सरकारी योजना के सहयोग से बच्चा पूरी तरह सुरक्षित है। सफल ऑपरेशन के बाद उसकी हालत स्थिर रही और अब उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
यह मामला जहां एक ओर आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या और स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े करता है, वहीं दूसरी ओर सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध उन्नत चिकित्सा सुविधाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रभावशीलता को भी दर्शाता है। बीकानेर स्थित पीबीएम अस्पताल में अब जटिल प्लास्टिक सर्जरी नियमित रूप से की जा रही हैं, जिससे क्षेत्र के मरीजों को बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ रहा। पीड़ित बच्चे के परिजनों ने डॉक्टरों और चिकित्सा स्टाफ का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समय पर मिला उपचार उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं है।


