बीबीएन, नेटवर्क | कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के छोटे भाई अनमोल बिश्नोई को लेकर सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और बढ़ गई है। 29 नवंबर को NIA ने उसकी हिरासत अवधि बढ़ाने का अनुरोध किया था, जिसे अदालत ने स्वीकारते हुए 5 दिसंबर तक रिमांड बढ़ा दी। आज अनमोल विश्नोई को कड़ी सुरक्षा में कोर्ट में पेश किया जाएगा।
सुरक्षा जोखिम को ध्यान में रखते हुए यह सुनवाई पटियाला हाउस कोर्ट की बजाय सीधे NIA मुख्यालय में आयोजित की जाएगी। इस बीच, पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी द्वारा जान से मारने की धमकियों के बाद अनमोल ने अदालत से बुलेटप्रूफ वाहन, बुलेटप्रूफ जैकेट और उच्च सुरक्षा मूल्यांकन की मांग की है।
NIA मुख्यालय में हाई-सिक्योरिटी सुनवाई
सुरक्षा एजेंसियों ने अदालत को बताया कि अनमोल को अदालत परिसर तक लाना अत्यधिक जोखिमपूर्ण हो सकता है। यही कारण है कि इनपुट के आधार पर पूरी कार्यवाही NIA मुख्यालय में की गई। एजेंसियों का कहना है कि आरोपी की सुरक्षा से जुड़े खतरे वास्तविक और गंभीर हैं।
पाकिस्तानी गैंगस्टर से खतरे का दावा
सुनवाई के दौरान अनमोल ने बताया कि उसे पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी की ओर से लगातार धमकियाँ मिल रही हैं। उसने इसे अपनी और अपने परिवार की जान के लिए “प्रत्यक्ष खतरा” बताया।
अनमोल ने याचिका दायर कर अदालत में निम्न तीन मांगें रखीं
🟠 पेशी में बुलेटप्रूफ वाहन का उपयोग
🟠 बुलेटप्रूफ जैकेट उपलब्ध कराई जाए
🟠सुरक्षा खतरे का पूर्ण मूल्यांकन किया जाए
अदालत ने NIA को इन बिंदुओं पर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
अमेरिका से निर्वासन के बाद बढ़ी जांच
अनमोल को 19 नवंबर 2025 को अमेरिका से निर्वासित कर भारत लाया गया था। वह 2022 से फरार था और कई संगीन मामलों में उसकी भूमिका सामने आ चुकी है। NIA उसके अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क, फंडिंग चैनल और संभावित आतंकी-गैंगस्टर गठजोड़ की गहन जांच कर रही है।
गंभीर आपराधिक इतिहास
एजेंसी के अनुसार अनमोल विश्नोई एक वैश्विक आतंकी-गैंगस्टर सिंडिकेट का सक्रिय सदस्य रहा है। बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में मुख्य साजिशकर्ता माना जाता है। सलमान खान के घर के बाहर फायरिंग (2024) की जिम्मेदारी उसने स्वीकार की थी। सिद्धू मूसेवाला हत्या में साजिश और लॉजिस्टिक सपोर्ट देने का आरोप। विदेश से गिरोह के लिए फिरौती, फंडिंग और ऑपरेशनल सपोर्ट चलाने के ठोस सबूत NIA के पास हैं।
पूछताछ के नए आयाम
NIA उसके पाकिस्तान-स्थित गैंगस्टरों से संपर्क, हथियारों की आपूर्ति, धन-शृंखला और अंतरराष्ट्रीय लिंक की जांच कर रही है। एजेंसी मानती है कि इस नेटवर्क के तार कई देशों से जुड़े हुए हैं और आगे की पूछताछ बेहद अहम है।
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