बीबीएन, नेटवर्क। मध्य प्रदेश के देवास में गुजरात आतंकवाद निरोधी दस्ते (ATS) ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े एक संदिग्ध मॉड्यूल पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 18 वर्षीय युवक को हिरासत में लिया है। जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपी सोशल मीडिया के माध्यम से पाकिस्तान स्थित संदिग्ध हैंडलर्स के संपर्क में था और कथित रूप से युवाओं को प्रभावित करने की गतिविधियों में शामिल था। इस मामले में उसके बड़े भाई सहित अब तक आठ संदिग्धों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पूरे नेटवर्क की जांच केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के समन्वय से आगे बढ़ाई जा रही है।
देर रात संयुक्त कार्रवाई में देवास से संदिग्ध हिरासत में
गुजरात ATS की टीम गुरुवार देर रात देवास के नाहर दरवाजा थाना क्षेत्र स्थित वारसी नगर की गफूर बस्ती पहुंची। स्थानीय पुलिस की मौजूदगी में संदिग्ध के घर पर कार्रवाई की गई। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद युवक को आगे की पूछताछ के लिए गुजरात ATS के सुपुर्द कर दिया गया। देवास के पुलिस अधीक्षक ने पुष्टि की कि कार्रवाई गुजरात ATS के अनुरोध पर की गई और पूरी प्रक्रिया विधिसम्मत तरीके से संपन्न हुई।
सोशल मीडिया गतिविधियां बनीं जांच का प्रमुख आधार
प्रारंभिक जांच में एजेंसियों को संकेत मिले हैं कि आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सक्रिय था और कथित रूप से कट्टरपंथी एवं भड़काऊ सामग्री साझा करता था। जांचकर्ता यह भी पता लगा रहे हैं कि उसके संपर्क किन-किन डिजिटल माध्यमों से संचालित हो रहे थे तथा नेटवर्क का विस्तार कितना व्यापक था।
मजदूरी की आड़, जांच में सामने आया संदिग्ध नेटवर्क
जांच एजेंसियों के अनुसार युवक देवास में टाइल्स लगाने का कार्य करता था। अधिकारियों का मानना है कि उसकी सामान्य दिनचर्या के कारण स्थानीय स्तर पर किसी प्रकार का संदेह नहीं हुआ। परिवार मूल रूप से गुजरात का निवासी बताया जा रहा है, जो कई वर्ष पहले देवास आकर बस गया था।
बड़े भाई समेत आठ संदिग्धों तक पहुंचीं जांच एजेंसियां
जांच के दौरान आरोपी के बड़े भाई को भी गुजरात से गिरफ्तार किया गया है। दोनों के कथित रूप से एक ही नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है। अब तक इस मामले में आठ संदिग्धों को हिरासत में लिया जा चुका है। केंद्रीय और राज्य स्तरीय एजेंसियां उनसे पूछताछ कर नेटवर्क के अन्य संभावित सदस्यों और डिजिटल कनेक्शन की जांच कर रही हैं।
जांच जारी, आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
सुरक्षा एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि जांच अभी प्रारंभिक चरण में है। इसलिए आरोपियों के खिलाफ लगाए गए सभी आरोपों का अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। एजेंसियां इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, डिजिटल संचार और वित्तीय लेनदेन की भी जांच कर रही हैं।





