बीबीएन,बीकानेर । इस वर्ष चैत्र नवरात्रि के अवसर पर 19 से 29 मार्च तक 11 दिवसीय विराट कथा-यज्ञ और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाएगा। इस महाआयोजन में तमिलनाडु के कृष्णगिरी स्थित श्री पार्श्व पद्मावती शक्तिपीठ तीर्थ धाम से आए पीठाधीश्वर वसंत विजयानंद गिरी के सान्निध्य में 35 से 45 फीट ऊंचे 14 अस्थायी मंदिरों का निर्माण किया जाएगा। आयोजन स्थल पर नौ कुंडीय यज्ञ, कुबेर-लक्ष्मी साधना शिविर, दिव्य शिवलिंग दर्शन, समृद्धि कलश स्थापना तथा भजन संध्या सहित कई धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। श्रद्धालुओं के लिए प्रतिदिन निःशुल्क भोजन प्रसादी और अन्य व्यवस्थाएं भी की जाएंगी।
ये है आयोजन
गंगाशहर मार्ग स्थित अग्रवाल भवन में आयोजित होने वाले इस धार्मिक कार्यक्रम को “चैत्र नवरात्रि विराट कथा यज्ञ” के रूप में आयोजित किया जा रहा है। आयोजन समिति के अनुसार यह कार्यक्रम थार क्षेत्र में बड़े धार्मिक आयोजनों में शामिल होगा, जिसमें देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
कब और कहां होगा कार्यक्रम
यह आयोजन 19 मार्च से 29 मार्च 2026 तक बीकानेर के अग्रवाल भवन परिसर में आयोजित किया जाएगा। पूरे 11 दिनों तक सुबह से देर रात तक विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।
कौन कर रहा आयोजन
आयोजन समिति के ट्रस्ट सदस्य संकेश जैन ने गुरुवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि यह कार्यक्रम कृष्णगिरी (तमिलनाडु) स्थित श्री पार्श्व पद्मावती शक्तिपीठ तीर्थ धाम के पीठाधीश्वर वसंत विजयानंद गिरी की प्रेरणा और सान्निध्य में आयोजित किया जा रहा है।
14 अस्थायी मंदिर होंगे आकर्षण
आयोजन स्थल पर 35 से 45 फीट ऊंचे 14 प्रतीकात्मक मंदिर बनाए जाएंगे। इन मंदिरों में गणपति, भैरवनाथ सहित विभिन्न देवी-देवताओं की प्रतिमाएं स्थापित कर श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी। आयोजकों का कहना है कि मंदिरों की संरचना को विशेष सज्जा के साथ तैयार किया जाएगा, जिससे पूरे परिसर में धार्मिक वातावरण निर्मित हो सके।
कुबेर-लक्ष्मी साधना शिविर
कार्यक्रम के दौरान प्रतिदिन सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक कुबेर-लक्ष्मी साधना शिविर आयोजित किया जाएगा। इसमें पायरेट कुबेर लक्ष्मी यंत्र और 1008 जीबू कॉइन के माध्यम से साधना की प्रक्रिया कराई जाएगी, जिसमें बड़ी संख्या में साधक भाग ले सकते हैं।
9 कुंडीय यज्ञ और समृद्धि कलश स्थापना
काशी के विद्वान आचार्यों के मार्गदर्शन में 9 कुंडीय विराट यज्ञ संपन्न कराया जाएगा। इसके साथ ही 500 समृद्धि कलश स्थापित किए जाएंगे, जिनमें 351 दुर्लभ धार्मिक महत्व की सामग्रियां रखकर विशेष विधि से पूजन और सिद्धि विधान किया जाएगा।
भजन संध्या और प्रसादी
आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं के लिए प्रतिदिन शाम 5 बजे से रात 9 बजे तक निःशुल्क भोजन प्रसादी की व्यवस्था रहेगी। वहीं रात 10:30 बजे से भजन संध्या आयोजित की जाएगी, जिसमें विभिन्न प्रसिद्ध कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। आयोजन समिति के अनुसार यह कार्यक्रम बीकानेर में धार्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देगा तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को एक मंच पर जोड़ने का प्रयास करेगा।




