बीबीएन, बीकानेर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में यहां हिंदू सम्मेलन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता चंपेश ने संघ के सौ वर्षों के सफर पर प्रकाश डालते हुए समाज से सेवा, संस्कार और संगठन के मार्ग पर चलने तथा राष्ट्रहित के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को राष्ट्र निर्माण के लिए कम से कम एक रचनात्मक सामाजिक कार्य अवश्य करना चाहिए।
संत श्यामसुंदर महाराज ने सनातन संस्कृति के महत्व, पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव और नशामुक्ति जैसे विषयों पर अपने विचार रखे। उन्होंने बताया कि उनके धोरे द्वारा गीता के शिक्षण जैसे आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भी विशेष आकर्षण बढ़ाया। वर्षा सैनी द्वारा प्रस्तुत राजस्थानी भवाई नृत्य ने दर्शकों का मन मोह लिया और लोक संस्कृति की झलक पेश की।
इस अवसर पर कन्हैया लाल (महानगर संघचालक), श्यामसुंदर महाराज, रामसुख दास (धोरा), गरिमा तनेजा और अंकोरी देवी (मीसा बंदी) सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। कार्यक्रम के संयोजक राजेंद्र पंवार ने सभी अतिथियों, कलाकारों और उपस्थित जनसमूह का आभार जताया और कहा कि ऐसे आयोजन समाज को सकारात्मक दिशा प्रदान करते हैं।
—

