बीबीएन, नेटवर्क। राजधानी जयपुर में रविवार को देशभक्ति और फिटनेस का अनूठा संगम देखने को मिला, जब जयपुर मिलिट्री स्टेशन स्थित गांडीव स्टेडियम में वंडर सीमेंट जयपुर सोल्जराथॉन 2026 का सफल आयोजन किया गया। इस मैराथन में 4500 से अधिक धावकों ने भाग लेकर सैनिकों के प्रति सम्मान और राष्ट्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का संदेश दिया। प्रतिभागियों में सेवारत सैनिक, पूर्व सैनिक, पेशेवर धावक, विद्यार्थी और बड़ी संख्या में आम नागरिक शामिल रहे।
मैराथन को मिजोरम के राज्यपाल वी. के. सिंह ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर सप्त शक्ति कमान के आर्मी कमांडर मंजींदर सिंह भी उपस्थित रहे। दोनों ने युवाओं से फिटनेस को जीवनशैली का हिस्सा बनाने और खेलों के माध्यम से सकारात्मक ऊर्जा को अपनाने का आह्वान किया।
आयोजन का उद्देश्य केवल दौड़ प्रतियोगिता तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह सैनिकों के प्रति सम्मान व्यक्त करने और समाज में फिटनेस के प्रति जागरूकता फैलाने का भी माध्यम बना। “रन विद सोल्जर, रन फॉर सोल्जर” के संदेश के साथ आयोजित इस कार्यक्रम ने युवाओं को खेलों से जुड़ने और नशे से दूर रहने की प्रेरणा दी।
सोल्जराथॉन में चार अलग-अलग श्रेणियों में दौड़ आयोजित की गई। इनमें 21 किलोमीटर हाफ मैराथन, 10 किलोमीटर टाइम्ड रन, 5 किलोमीटर ट्रिब्यूट रन और 3 किलोमीटर फन रन शामिल थीं। इससे हर आयु वर्ग के लोगों को भाग लेने का अवसर मिला। जयपुर मिलिट्री स्टेशन के अनुशासित और हरित वातावरण में दौड़ने का अनुभव प्रतिभागियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।
यह दौड़ विशेष रूप से उन सैनिकों के सम्मान में भी आयोजित की गई जिन्होंने देश की सेवा करते हुए गंभीर चोटें झेली हैं। पैराप्लेजिक रिहैबिलिटेशन सेंटर से जुड़े सैनिकों के साहस और त्याग को इस आयोजन के माध्यम से श्रद्धांजलि दी गई।
कार्यक्रम के दौरान उत्साह बढ़ाने के लिए कई सांस्कृतिक और मनोरंजक गतिविधियां भी आयोजित की गईं। इनमें जुम्बा सत्र, पंजाबी ढोल की थाप पर भांगड़ा प्रस्तुतियां, गतका मार्शल आर्ट प्रदर्शन, सेना के बैंड की धुनें, फेस पेंटिंग और इंटरैक्टिव फोटो बूथ जैसी गतिविधियां शामिल रहीं। इन कार्यक्रमों ने पूरे आयोजन को उत्सव का रूप दे दिया। दौड़ की विभिन्न श्रेणियों में विजेता प्रतिभागियों को नकद पुरस्कार भी प्रदान किए गए। 21 किलोमीटर दौड़ के विजेताओं को 10 हजार रुपये तथा 10 किलोमीटर दौड़ के विजेताओं को 5 हजार रुपये की पुरस्कार राशि दी गई। इसके अलावा अलग-अलग आयु वर्ग के उपविजेताओं को भी सम्मानित किया गया।
सफल आयोजन के साथ यह सोल्जराथॉन केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि सेना और नागरिकों के बीच विश्वास और सम्मान की भावना को मजबूत करने का सशक्त मंच बनकर उभरा। आयोजकों का मानना है कि इस पहल से युवाओं में फिटनेस के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और समाज में सकारात्मक जीवनशैली को बढ़ावा मिलेगा।






