बीबीएन, नेटवर्क। आध्यात्मिक चिंतक ओशो के अनुयायियों ने ऑस्ट्रेलिया स्थित एक संगठन के माध्यम से आकाशीय पिंड के नामकरण की पहल करते हुए ओरायन तारामंडल के एक उज्ज्वल तारे को “ओशो” नाम समर्पित किया है। यह नामांकन इंटरनेशनल स्टार एंड स्पेस रजिस्ट्री, ऑस्ट्रेलिया द्वारा पंजीकृत बताया गया है। संबंधित समूहों के अनुसार यह पहल श्रद्धा और कृतज्ञता की अभिव्यक्ति के रूप में की गई है। तारे के निर्देशांक 5, 47, 45.5 तथा -10, 19, 49.4 बताए गए हैं और उसकी चमक श्रेणी ‘अत्यंत उज्ज्वल’ दर्ज की गई है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यह नामकरण आधिकारिक वैज्ञानिक नामकरण प्रक्रिया से पृथक एक पंजीकरण प्रक्रिया के अंतर्गत किया गया है। खगोलीय पिंडों के औपचारिक नामकरण का अधिकार अंतरराष्ट्रीय खगोल वैज्ञानिक संस्थाओं के अधीन होता है, जबकि निजी रजिस्ट्रियों के माध्यम से प्रतीकात्मक नामकरण की परंपरा अलग रूप में प्रचलित है।
पहल से जुड़े प्रतिनिधियों का कहना है कि यह कदम किसी वैज्ञानिक दावा या औपचारिक नाम परिवर्तन के उद्देश्य से नहीं, बल्कि आध्यात्मिक श्रद्धांजलि के रूप में उठाया गया है। उनका तर्क है कि आकाश में किसी तारे को नाम समर्पित करना उनके लिए सम्मान और स्मरण का माध्यम है।
ओरायन तारामंडल खगोल विज्ञान में प्रमुख नक्षत्रों में गिना जाता है और पृथ्वी से स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। इसी नक्षत्र के एक तारे के साथ “ओशो” नाम का पंजीकरण अनुयायियों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
विशेषज्ञों का कहना है कि आम नागरिकों के लिए उपलब्ध ऐसी रजिस्ट्रियां स्मृति-चिह्न या भावनात्मक प्रतीक के रूप में कार्य करती हैं, परंतु वे अंतरराष्ट्रीय खगोलीय नामकरण की आधिकारिक सूची का हिस्सा नहीं होतीं। इसके बावजूद, संबंधित समूह इसे अपनी आस्था और सम्मान की अभिव्यक्ति के रूप में देख रहे हैं।




