बीबीएन,बीकानेर। केंद्रीय बजट पर बीकानेर के उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने मिली-जुली प्रतिक्रिया व्यक्त की है। फेडरेशन ऑफ राजस्थान ट्रेड इंडस्ट्री के बीकानेर संभाग अध्यक्ष मनमोहन कल्याणी और बीकानेर जिला उद्योग संघ अध्यक्ष द्वारकाप्रसाद पचीसिया ने बजट के कई प्रावधानों का स्वागत किया है, साथ ही कुछ मुद्दों पर निराशा भी जताई है।
उद्योग प्रतिनिधियों ने छोटे और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को बढ़ावा देने के लिए 10,000 करोड़ रुपये के ग्रोथ फंड की घोषणा को सराहनीय बताया। टेक्सटाइल क्षेत्र को मजबूत करने, निर्यात बढ़ाने और रोजगार सृजन के लिए एकीकृत कार्यक्रम, टेक्सटाइल श्रमिक प्रोत्साहन योजना, राष्ट्रीय हथकरघा एवं हस्तशिल्प कार्यक्रम और देश भर में मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने की घोषणा का भी उन्होंने स्वागत किया।
छोटे करदाताओं के लिए नए नियम, रिवाइज रिटर्न की समय सीमा 31 मार्च तक बढ़ाना, छोटे कर अपराधों पर सजा के स्थान पर जुर्माने का प्रावधान, चिकित्सा क्षेत्र में दिव्यांग केंद्रों का विस्तार, कैंसर व शुगर की दवाइयों की कीमत कम करना, स्वास्थ्य व शिक्षा पर टीसीएस दर 5% से घटाकर 2% करना, महिला उद्यमिता के लिए ‘लखपति दीदी’ योजना का विस्तार, मोटर दुर्घटना क्लेम राशि को करमुक्त करना और प्रत्येक जिले में बालिका शिक्षा हेतु छात्रावास स्थापित करने की घोषणा को भी राहत और सराहनीय कदम बताया गया।
हालांकि, उद्योग जगत ने कुछ बिंदुओं पर निराशा भी जताई। भामाशाहों (दानदाताओं) द्वारा जनहित में निर्मित भवन, अस्पताल या शैक्षणिक परियोजनाओं को राज्य सरकार को सौंपने पर केंद्रीय जीएसटी में छूट न मिलना निराशाजनक बताया गया। सबसे बड़ी निराशा आयकर स्लैब में कोई बदलाव न किए जाने को लेकर व्यक्त की गई, जिसका उल्लेख उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया में तीन बार किया।
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