बीबीएन, नेटवर्क। सूबे में शिक्षक भर्ती परीक्षा REET 2019 और 2020 से जुड़े बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए अब तक 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि असली अभ्यर्थियों की जगह पैसे लेकर डमी कैंडिडेट्स को परीक्षा में बैठाया गया था। पुलिस ने विभिन्न जिलों में समन्वित कार्रवाई कर आरोपियों को पकड़ा है और मामले में आगे की जांच जारी है।
क्या है पूरा मामला?
राजस्थान में आयोजित REET 2019 और 2020 परीक्षा के दौरान बड़े पैमाने पर अनियमितता की शिकायतें मिली थीं। जांच एजेंसियों ने पाया कि कुछ अभ्यर्थियों ने आर्थिक लेन-देन के जरिए अपने स्थान पर अन्य व्यक्तियों को परीक्षा में बैठाया। यह पूरा नेटवर्क सुनियोजित तरीके से संचालित किया जा रहा था, जिसमें फर्जी दस्तावेजों और पहचान के जरिए परीक्षा दिलवाई गई।
ऐसे हुआ खुलासा
एक संदिग्ध व्यक्ति की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को महत्वपूर्ण दस्तावेज और जानकारी मिली। पूछताछ और तकनीकी जांच के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि कई अभ्यर्थियों ने अपनी जगह दूसरे लोगों से परीक्षा दिलवाई। इसके बाद SOG ने मामला दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू की और विभिन्न जिलों में छापेमारी की।
SOG की कार्रवाई और गिरफ्तारियां
SOG और जिला पुलिस की संयुक्त टीमों ने उदयपुर, भरतपुर सहित कई क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इसके अलावा एक अन्य आरोपी को भरतपुर से डिटेन किया गया। इस प्रकार अब तक कुल 12 लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है।
गिरफ्तार आरोपियों में शामिल हैं:
जगदीश गमार (उदयपुर)
जीवतराम मोडिया (उदयपुर)
लक्ष्मी कुमारी (उदयपुर)
मनलाल (उदयपुर)
मुकेश गमार (उदयपुर)
लोकेश कुमार (उदयपुर)
प्रेम कुमारी (उदयपुर)
राहुल बोदात (उदयपुर)
संजय कुमार डामोर (उदयपुर)
विक्रम कुमार (उदयपुर)
विशाल कुमार बोदात (उदयपुर)
रविंद्र सिंह मुसावत (भरतपुर)
जांच में क्या सामने आया
जांच के दौरान दस्तावेजों और हस्ताक्षरों का मिलान कराया गया, जिसमें असमानता पाई गई। इससे स्पष्ट हुआ कि परीक्षा में बैठने वाले और मूल अभ्यर्थी अलग-अलग थे। वैज्ञानिक परीक्षण और रिकॉर्ड विश्लेषण से पूरे फर्जीवाड़े की पुष्टि हुई।




