बीबीएन, नेटवर्क। देश की राजधानी दिल्ली सहित कई प्रमुख शहरों में सुरक्षा एजेंसियों ने संभावित आतंकी खतरे को देखते हुए उच्च स्तरीय सतर्कता लागू कर दी है। खुफिया इनपुट के अनुसार, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों, धार्मिक स्थलों और ऐतिहासिक परिसरों को निशाना बनाने की आशंका जताई गई है। विशेष रूप से दिल्ली के लाल किला क्षेत्र और पुरानी दिल्ली के घनी आबादी वाले इलाकों में निगरानी बढ़ाई गई है। केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों और दिल्ली पुलिस ने संयुक्त रूप से संवेदनशील स्थलों पर अतिरिक्त बल तैनात किया है, वाहनों की सघन जांच शुरू की गई है तथा एंटी-सबोटाज अभियान चलाए जा रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, एक पाकिस्तान-स्थित आतंकी संगठन द्वारा भारत के बड़े शहरों में दहशत फैलाने की साजिश रचे जाने की आशंका व्यक्त की गई है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि भीड़भाड़ वाले बाजार, धार्मिक परिसर और पर्यटन स्थल संभावित लक्ष्य हो सकते हैं। राजधानी के साथ-साथ अन्य महानगरों में भी सतर्कता बढ़ाने के निर्देश जारी किए गए हैं। पुरानी दिल्ली, चांदनी चौक और लाल किला परिसर के आसपास पुलिस गश्त तेज कर दी गई है। धार्मिक स्थलों के प्रबंधन समितियों के साथ समन्वय स्थापित कर सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की जा रही है। प्रवेश द्वारों पर जांच उपकरण लगाए गए हैं और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए निगरानी तंत्र को सक्रिय किया गया है।
इंटेलिजेंस तंत्र को हाल में मिले संकेतों के बाद यह कदम उठाया गया है। एजेंसियों का कहना है कि एहतियाती उपायों के तहत यह सतर्कता बरती जा रही है और नागरिकों से भी सजग रहने की अपील की गई है। किसी भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस नियंत्रण कक्ष को देने का आग्रह किया गया है। इस बीच, विदेश में हाल में हुई एक घटना के संदर्भ में कुछ आरोप-प्रत्यारोप भी सामने आए हैं। भारत ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों का औपचारिक रूप से खंडन किया है और उन्हें निराधार बताया है। सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं और समन्वित कार्रवाई जारी है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा उपाय एहतियातन हैं और आम नागरिकों को अफवाहों से बचने की सलाह दी गई है। सरकार का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी चुनौती से निपटने के लिए तंत्र पूर्णतः तैयार है।


