बीबीएन, नेटवर्क। सप्त शक्ति कमान के तत्वावधान में आयोजित एक महत्वपूर्ण सेमिनार में वैश्विक बहुपक्षवाद की वर्तमान चुनौतियों, संयुक्त राष्ट्र जैसी संस्थाओं की प्रासंगिकता, उभरते भू-राजनीतिक समीकरणों और भारत की भूमिका पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया। जयपुर मिलिट्री स्टेशन में हुए इस कार्यक्रम में सेवारत और सेवानिवृत्त रक्षा अधिकारियों के साथ विश्वविद्यालयों के शिक्षाविदों और छात्रों की उल्लेखनीय भागीदारी रही। चर्चा का केंद्र यह रहा कि तेजी से बदलती अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों में गठबंधनों और संस्थाओं की प्रभावशीलता किस प्रकार प्रभावित हो रही है और भारत अपने दीर्घकालिक हितों की पूर्ति के लिए कौन-से विकल्प चुन सकता है।
सेमिनार का आयोजन ज्ञान शक्ति थिंक टैंक द्वारा ‘मल्टीलेटरलिज्म इन क्राइसिस’ विषय पर किया गया। पैनल में एम्बेसडर टी.एस. तिरुमूर्ति, एम्बेसडर सुचित्रा दुरई, एम्बेसडर आर. स्वामीनाथन और एम्बेसडर सतीश मेहता शामिल रहे। वक्ताओं ने अपने कूटनीतिक अनुभवों के आधार पर बहुपक्षीय ढांचे की जटिलताओं, वैश्विक अर्थव्यवस्था पर उसके प्रभाव, व्यापारिक हितों, भू-रणनीतिक प्रतिस्पर्धा और राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के बीच संतुलन जैसे विषयों पर विश्लेषण प्रस्तुत किया।
चर्चा के दौरान यह रेखांकित किया गया कि वर्तमान वैश्विक व्यवस्था में शक्ति और वैधता के बीच संतुलन बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। बदलते गठबंधनों, क्षेत्रीय संघर्षों और आर्थिक अस्थिरताओं के बीच बहुपक्षीय संस्थाओं की भूमिका को पुनर्परिभाषित करने की आवश्यकता पर बल दिया गया। प्रश्नोत्तर सत्र में विद्यार्थियों और विशेषज्ञों ने भारत की कूटनीतिक रणनीति, वैश्विक मंचों पर उसकी सक्रियता और संभावित सुधारों के मुद्दों पर विचार रखे।
सेमिनार के समापन अवसर पर मेजर जनरल गौतम चड्ढा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय संस्थानों को अधिक प्रभावी और उत्तरदायी बनाने के लिए संरचनात्मक सुधार आवश्यक हैं। उन्होंने रणनीतिक विमर्श में युवाओं की भागीदारी को सकारात्मक संकेत बताया और कहा कि जागरूक नागरिकता ही विकसित भारत के लक्ष्य को सुदृढ़ आधार दे सकती है। नवंबर 2024 में आरंभ हुए इस मंच ने अब तक कई समसामयिक विषयों पर संवाद आयोजित किए हैं। आयोजकों के अनुसार, उद्देश्य रक्षा और रणनीतिक मामलों पर गंभीर बौद्धिक चर्चा को प्रोत्साहित करना है, ताकि नीति-निर्माण से जुड़े मुद्दों पर व्यापक दृष्टिकोण विकसित हो सके।



