बीबीएन,बीकानेर। राजस्थानी सिनेमा को नई पहचान देने के उद्देश्य से बनी फिल्म ‘टाइगर ऑफ राजस्थान’ 13 मार्च को बीकानेर के सिने मैजिक सिनेमा हॉल में प्रदर्शित की जाएगी। सच्ची घटना से प्रेरित इस फिल्म में अन्याय के खिलाफ संघर्ष, सामाजिक चेतना और एकजुटता का संदेश प्रमुखता से दिखाया गया है। फिल्म का निर्माण थ्री ब्रदर्स फिल्म्स प्रजेंट्स के बैनर तले किया गया है, जबकि निर्देशन और मुख्य भूमिका अरविन्द कुमार ने निभाई है।
फिल्म की रिलीज और निर्माण से जुड़ी जानकारी देने के लिए बुधवार को बीकानेर के होटल वृन्दावन रिजेन्सी में प्रेसवार्ता आयोजित की गई। इस दौरान अरविन्द कुमार ने कहा कि राजस्थानी भाषा और संस्कृति को बढ़ावा देना उनका जीवन लक्ष्य है और वे फिल्मों के माध्यम से इसके लिए लगातार प्रयास करते रहेंगे।
सिने मैजिक में प्रतिदिन विशेष शो
फिल्म के प्रति दर्शकों की बढ़ती रुचि को देखते हुए बीकानेर के सिने मैजिक सिनेमा हॉल में प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक विशेष शो संचालित किए जाएंगे। फिल्म में प्रेम, भावनात्मक संघर्ष, सामाजिक मुद्दे और एक्शन का संयोजन देखने को मिलेगा।
कई प्रसिद्ध कलाकारों ने निभाई भूमिका
फिल्म में अरविन्द कुमार के साथ उपासना सिंह, रंजीत राजू श्रेष्ठा, देबोलिना भट्टाचार्जी, दीप्ति नागपाल, भूपेश रसिन, अरविंदर सिंह, दीपेंद्र सिंह, हर्षित माथुर, हेमा चंदानी, भावना शर्मा, शिवराज गुर्जर, मुमताज खान, राजवीर, सामिर खान और असलम खान प्रमुख भूमिकाओं में दिखाई देंगे।

फिल्म का संगीत दिलीप सेन, आदित्य गौर और निषेध सोनी ने तैयार किया है। गीतों को छोटू सिंह रावणा, यशपाल तंवर, रफीक राजस्थानी और साबिर खान ने लिखा है, जबकि पूर्निमा श्रेष्ठा, छोटू सिंह रावणा, सौरिन भट्ट, मोहम्मद सलामत, सना अजीज, रेखा राव, सुनीता सगोतिया और रवि जैन ने अपनी आवाज दी है।
निर्माण से जुड़े अन्य प्रमुख नामों में निर्माता हितेश कुमार, जैस्मिन कुमार, प्रवीण सगोतिया और सुनीता सगोतिया शामिल हैं, जबकि डिनेश असीवाल और राज राठौड़ सह-निर्माता हैं।
सोशल मीडिया पर लोकप्रिय हो रहे गीत
फिल्म के गीत रिलीज से पहले ही सोशल मीडिया पर लोकप्रिय हो रहे हैं। इनमें न्याय और संघर्ष की भावना को व्यक्त करने वाले भावनात्मक गीतों के साथ जोशीले गीत भी शामिल हैं, जो युवाओं को आकर्षित कर रहे हैं।
सरोज खान का आखिरी कोरियोग्राफी प्रोजेक्ट
फिल्म की एक विशेषता यह भी है कि इसमें प्रसिद्ध नृत्य निर्देशक सरोज खान द्वारा कोरियोग्राफ किया गया गीत शामिल है, जिसे उनके अंतिम कार्यों में गिना जा रहा है। इस गीत में पारंपरिक राजस्थानी नृत्य ‘घूमर’ को नए अंदाज में प्रस्तुत किया गया है।
कहानी: एक शिक्षक से ‘टाइगर’ बनने तक
फिल्म की कहानी एक ईमानदार शिक्षक के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसे परिस्थितियां अपराध की दुनिया की ओर धकेल देती हैं। हालांकि वह मूल रूप से न्यायप्रिय और संवेदनशील व्यक्ति होता है। धीरे-धीरे वह जरूरतमंदों और कमजोर लोगों का सहारा बन जाता है। यही कारण है कि लोग उसे ‘टाइगर ऑफ राजस्थान’ कहने लगते हैं।
फिल्म का ट्रेलर पहले ही दर्शकों के बीच उत्सुकता पैदा कर चुका है, जिसमें राजस्थान की परंपरा, शौर्य और सांस्कृतिक वैभव की झलक दिखाई देती है।
