⭕ एमजीएसयू दीक्षांत में 1.20 लाख उपाधियां
बीबीएन,बीकानेर | महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय के दशम दीक्षांत समारोह में राज्यपाल एवं कुलाधिपति हरिभाऊ बागडे ने विद्यार्थियों से ऐसे शोध विषय चुनने का आह्वान किया, जिनका सीधा लाभ देश और समाज को मिले। उन्होंने कहा कि शोध केवल डिग्री तक सीमित न रहे, बल्कि दीर्घकालीन सामाजिक परिवर्तन का माध्यम बने। समारोह में बड़ी संख्या में उपाधियां, पीएचडी और स्वर्ण पदक प्रदान किए गए, साथ ही विश्वविद्यालय की डिजिटल पहलों का भी शुभारंभ हुआ।
राज्यपाल ने विश्वविद्यालय परिसरों को ज्ञान और संस्कार के केंद्र के रूप में विकसित करने की बात कही। उन्होंने स्वच्छ, हरित और अनुशासित शैक्षणिक वातावरण पर ज़ोर देते हुए शिक्षकों और विद्यार्थियों से संस्थागत गरिमा बनाए रखने की अपेक्षा की। संतुलित जीवनशैली की आवश्यकता बताते हुए उन्होंने योग और प्राणायाम को दैनिक दिनचर्या में शामिल करने का संदेश दिया।
उन्होंने भारत की बढ़ती वैश्विक आर्थिक भूमिका का उल्लेख करते हुए युवाओं की बौद्धिक क्षमता को राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी बताया। पर्यावरण संरक्षण के संदर्भ में ‘मां के नाम एक पेड़’ लगाने का आह्वान करते हुए उन्होंने सामाजिक दायित्व निभाने की प्रेरणा दी। राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत और महाराजा गंगासिंह की दूरदृष्टि का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने गंगनहर परियोजना और सैन्य योगदान को ऐतिहासिक बताया।
मुख्य अतिथि वरिष्ठ पत्रकार एवं शिक्षाविद प्रो. के. जी. सुरेश ने कहा कि समाज को ‘देने’ का भाव ही व्यक्ति को स्थायी पहचान दिलाता है। उन्होंने शिक्षित युवाओं से राष्ट्रनिर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया।
विश्वविद्यालय के कुलगुरु आचार्य मनोज दीक्षित ने स्वागत वक्तव्य में संस्थान की शैक्षणिक प्रगति, नवाचारों और उपलब्धियों का विवरण प्रस्तुत किया। दीक्षांत समारोह में वर्ष 2024 की परीक्षाओं के आधार पर 1,20,812 उपाधियां प्रदान की गईं। इसी अवधि में 46 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि और 65 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। विशिष्ट पदकों से भी मेधावी विद्यार्थियों को अलंकृत किया गया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय की ई-फाइलिंग प्रणाली और वार्षिक कैलेंडर का लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना से हुई, जिसके बाद कुलगीत और विश्वविद्यालय वृत्तचित्र का प्रस्तुतीकरण हुआ। समारोह में विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलगुरु, प्रशासनिक अधिकारी और गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।




