बीबीएन, बीकानेर | देश की सीमाओं की रक्षा में दिन-रात तैनात भारतीय सेना के जवानों और उनके परिवारों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। देश की जानी-मानी शिक्षण संस्था आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड ने भारतीय सेना के साथ साझेदारी कर सैनिकों के बच्चों को शिक्षा और करियर के क्षेत्र में विशेष सहयोग देने की पहल शुरू की है। इस पहल के तहत प्रथम चरण में चार साल का AMU साइन किया गया है। इस निर्णय से हजारों सेना परिवारों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
बीकानेर ब्रांच प्रमुख दिग्विजय सिंह जोधा और एकेडमिक हैड वेदप्रकाश शर्मा ने पत्रकारों को बताया कि इस योजना के तहत भारतीय सेना में कार्यरत जवानों, सेवानिवृत्त सैनिकों, शहीद सैनिकों के आश्रितों और दिव्यांग कर्मियों के बच्चों को मेडिकल और इंजीनियरिंग जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में आर्थिक राहत दी जाएगी। शहीद सैनिकों के बच्चों को रजिस्ट्रेशन फीस में पूरी छूट के साथ ट्यूशन फीस में भी शत-प्रतिशत राहत दी जाएगी। वहीं, 20 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले सैनिकों के बच्चों को भी पूर्ण शुल्क माफी का लाभ मिलेगा।
इस अवसर पर नविता विश्नोई ने बताया कि सेवाकाल में कार्यरत और सेवानिवृत्त सैनिकों के बच्चों के लिए ट्यूशन फीस में विशेष छूट का प्रावधान किया गया है, जो अन्य छात्रवृत्ति योजनाओं के बाद लागू होगी। इसके अलावा, विद्यार्थियों को शैक्षणिक मार्गदर्शन, काउंसलिंग और करियर प्लानिंग जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि वे मानसिक और शैक्षणिक रूप से मजबूत बन सकें।
आकाश के देशभर में फैले केंद्रों के माध्यम से यह सुविधा लागू की जाएगी। संस्था का कहना है कि राष्ट्र सेवा में लगे परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना उनका सामाजिक दायित्व है। इस पहल को सेना परिवारों के भविष्य को सुरक्षित और सशक्त बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।



