बीबीएन,बीकानेर । बीकानेर स्थित केसरिया हनुमान मंदिर में चल रहे 82वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित रामकथा महोत्सव में मंगलवार को भक्ति और आस्था का अद्वितीय दृश्य देखने को मिला। “उठो सिया श्रृंगार करो, धनुष राम ने तोड़ा है” जैसे भजनों की मधुर गूंज से पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा। कथा के दौरान श्रीराम-सीता के दिव्य प्रसंगों ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया, वहीं धनुष भंग प्रसंग पर जयघोष से पूरा पंडाल गूंज उठा।
श्रीराम-सीता मिलन का मार्मिक वर्णन
रामकथा के मुख्य वक्ता पंडित केशव शुक्ल ने श्रीराम और माता सीता के प्रथम मिलन का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने बताया कि गिरिजा पूजन के लिए जाती हुई सीता पर जब श्रीराम की पहली दृष्टि पड़ी, तो वह क्षण दिव्य और अलौकिक बन गया। इस प्रसंग को सुनकर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो उठे।
धनुष भंग प्रसंग पर गूंजे जयघोष
कथा में सीता स्वयंवर का वर्णन करते हुए बताया गया कि अनेक पराक्रमी राजा शिव धनुष को उठाने में असफल रहे। इसके बाद गुरु विश्वामित्र के संकेत पर श्रीराम ने सहज भाव से धनुष उठाकर भंग कर दिया। इस प्रसंग के साथ ही पंडाल “जय श्रीराम” और “सीतामैया की जय” के नारों से गूंज उठा।
श्रद्धालुओं में दिखा गहरा भाव
कथा के दौरान बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालु भक्ति में लीन नजर आए। कई श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं और वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक भाव से भर गया।
10 मई तक चलेगा आयोजन, 11 को विशेष अभिषेक
आयोजकों के अनुसार, रामकथा महोत्सव 10 मई तक प्रतिदिन आयोजित होगा। इसके बाद 11 मई को मंदिर परिसर में सहस्त्र घट अभिषेक का विशेष आयोजन किया जाएगा, जिसम एक हजार कलशों से अभिषेक किया जाएगा।
भक्तों के लिए विशेष व्यवस्था
भीषण गर्मी को देखते हुए श्रद्धालुओं के लिए ठंडे पानी, कूलर और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है, ताकि वे आरामपूर्वक कथा श्रवण कर सकें।



