एनएसजी के पूर्व कमांडो पर गांजा माफिया होने का आरोप, तेलंगाना-ओडिशा से जोड़
बीबीएन, बीकानेर, 3 अक्टूबर। राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) के पूर्व कमांडो और 26/11 मुंबई आतंकी हमले के दौरान ऑपरेशन में शामिल रहे बजरंग सिंह को राजस्थान पुलिस ने गांजा तस्करी गिरोह का सरगना होने के आरोप में गिरफ्तार किया है।
राज्य के पुलिस महानिरीक्षक विकास कुमार ने बताया कि बुधवार देर रात चुरू जिले के रतनगढ़ क्षेत्र से बजरंग सिंह को दबोचा गया। पुलिस के अनुसार, वह कथित रूप से तेलंगाना और ओडिशा से राजस्थान तक गांजा की आपूर्ति करने वाले नेटवर्क का मुख्य संचालक था। उसके कब्जे से लगभग 200 किलोग्राम अवैध गांजा जब्त किया गया है।
विकास कुमार के मुताबिक, यह कार्रवाई ‘ऑपरेशन गांजनेय’ के तहत की गई, जिसे राजस्थान एटीएस और मादक पदार्थ नियंत्रण ब्यूरो (एनटीएफ) ने संयुक्त रूप से अंजाम दिया। दो महीने तक चले इस अभियान में टीम ने गहन निगरानी और लगातार सुराग जुटाने के बाद आरोपी तक पहुंच बनाई। उन्होंने बताया कि आरोपी राजस्थान के सीकर जिले का निवासी है और उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
आईजी ने कहा कि बजरंग सिंह का नेटवर्क दक्षिण भारत से राजस्थान तक फैला हुआ था। वह कथित तौर पर हर खेप के साथ एक विश्वसनीय ओडिया रसोइये के रूप में यात्रा करता था ताकि शक न हो। पुलिस को विश्वास है कि इस गिरफ्तारी के बाद ओडिशा और तेलंगाना से राजस्थान तक फैले मादक पदार्थों के अवैध व्यापार पर प्रभावी अंकुश लगेगा।
जांच में सामने आया है कि बजरंग सिंह 10वीं कक्षा के बाद एनएसजी में भर्ती हुआ था और 2008 में हुए 26/11 मुंबई हमले के दौरान उसने आतंकवादियों के खिलाफ ऑपरेशन में भाग लिया था। वर्ष 2021 में सेवा निवृत्ति के बाद उसने राजनीति में कदम रखने की कोशिश की, लेकिन असफल रहने पर वह कथित रूप से मादक पदार्थों की संगठित तस्करी में शामिल हो गया। राजस्थान पुलिस का मानना है कि बजरंग सिंह की गिरफ्तारी से राज्य में फैले मादक पदार्थों के नेटवर्क की कड़ियाँ उजागर होंगी और इस गिरोह से जुड़े अन्य तस्करों तक भी पहुँच संभव हो पाएगी।
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