भारत–पाक सीमा पर सुरक्षा जाल और कसा, राजस्थान में 1,096 किमी लंबी सड़क का निर्माण जल्द
बलजीत गिल.
बीबीएन, बीकानेर, 22 अगस्त। भारत–पाकिस्तान सीमा पर भावी हालात को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकार ने मिलकर सुरक्षा इंतज़ामों को और पुख़्ता करने की तैयारी शुरू कर दी है। राजस्थान के बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर और श्रीगंगानगर जिलों में 1,096 किलोमीटर लंबी नई सड़क बनाई जाएगी। यह सड़क बिल्कुल सीमा के पास होगी ताकि सीमा सुरक्षा बल (BSF) की गश्त तेज़ और सुगम हो सके।
सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार ने पंजाब और राजस्थान को मिलाकर करीब 2,280 किलोमीटर सीमा सड़क परियोजना को हरी झंडी दी है। इससे न केवल सेना और अर्द्धसैनिक बलों को आवाजाही में सहूलियत होगी बल्कि सीमावर्ती गांवों को भी मुख्य मार्गों से बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
ख़ास बात यह है कि इस परियोजना के तहत बनने वाली सड़कों को सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन निगरानी और आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस आधारित सिस्टम से जोड़ा जाएगा। इससे घुसपैठ और तस्करी जैसी गतिविधियों पर सख़्त नज़र रखी जा सकेगी।
राजस्थान सरकार ने भी सीमा जिलों को अतिरिक्त वित्तीय मदद दी है। बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर और श्रीगंगानगर को पाँच–पाँच करोड़ रुपये तथा जोधपुर (फलोदी) और हनुमानगढ़ को ढाई–ढाई करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके साथ ही अधिकारियों की तैनाती बढ़ाई जा रही है ।
इधर, “ऑपरेशन शील्ड” नाम से चल रहे व्यापक सिविल डिफेंस अभ्यास में सुरक्षा एजेंसियों और नागरिकों को युद्ध जैसी परिस्थितियों से निपटने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन कदमों से सीमा क्षेत्र न केवल और सुरक्षित होगा बल्कि गांवों की कनेक्टिविटी बेहतर होने से आम लोगों को भी राहत मिलेगी।
—



