बीबीएन, नेटवर्क। सूबे के सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है, जो न केवल नशे की खेप भारत धकेल रहा है, बल्कि स्थानीय युवाओं के जरिए आतंकी नेटवर्क को भी मजबूत करने की कोशिश में है। गुजरात ATS और राजस्थान पुलिस के संयुक्त अभियान में बाड़मेर बॉर्डर से 25 करोड़ रुपये मूल्य की 5 किलोग्राम क्रिस्टल मेटाफेटामाइन (मेथ) बरामद की गई है। इसी बीच, हनुमानगढ़ में एक युवक को गिरफ्तार किया गया है जो सोशल मीडिया के माध्यम से पाकिस्तानी आतंकी शहजाद भट्टी के संपर्क में था। इन दोनों घटनाओं ने सरहद पर ड्रग्स और आतंक के “डेडली कॉम्बिनेशन” को उजागर कर दिया है।
तारबंदी के ऊपर से फेंकी गई 25 करोड़ की ड्रग्स
सुरक्षा एजेंसियों को मिली गुप्त सूचना के आधार पर बाड़मेर-सांचौर हाईवे के हाथीतला टोल पर नाकेबंदी की गई। इस दौरान एक इको कार से सलमान (पुत्र लाला खां) और शंकरराम मेघवाल को गिरफ्तार किया गया। इनके पास से लगभग 4.980 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाली क्रिस्टल मेथ बरामद हुई।
जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि पाकिस्तानी तस्करों ने 1 अप्रैल को बाड़मेर की बस्ती-तालाब सीमा पर तारबंदी के ऊपर से यह खेप फेंकी थी। स्थानीय तस्करों ने इस खेप को जमीन में दबा दिया था और उसकी लोकेशन का वीडियो बनाकर पाकिस्तान भेजा था। इस काम के लिए मुख्य आरोपी सलमान के खाते में ₹7,000 एडवांस डाले गए थे, जबकि डिलीवरी पूरी होने पर ₹25 लाख दिए जाने थे।
आतंकी नेटवर्क का सक्रिय सदस्य गिरफ्तार
नशे की इस खेप के समानांतर, हनुमानगढ़ पुलिस ने सुनील कुमार उर्फ धोलू को गिरफ्तार किया है। सुनील के पास से एक अवैध पिस्तौल बरामद हुई है। जांच में पता चला है कि आरोपी व्हाट्सएप और सोशल मीडिया के जरिए सीधे तौर पर पाकिस्तानी आतंकी शहजाद भट्टी के संपर्क में था। गौरतलब है कि सुनील पर पहले से ही 10 आपराधिक मामले दर्ज हैं। यह गिरफ्तारी सुरक्षा एजेंसियों के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे पहले 25 मार्च को भी इसी आतंकी से संपर्क रखने वाले एक अन्य युवक जसवंत कुमार उर्फ सोनू कुम्हार को पकड़ा गया था।
सुरक्षा एजेंसियों की कड़ी निगरानी
इन दोनों मामलों के तार कहीं न कहीं सीमा पार बैठे हैंडलर्स से जुड़े हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि क्या ड्रग्स से होने वाली कमाई का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों की फंडिंग में किया जाना था। फिलहाल, आधा दर्जन से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और सोशल मीडिया नेटवर्क खंगाला जा रहा है।



