बीबीएन,बीकानेर। यूरोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया के 59वें राष्ट्रीय सम्मेलन (यूएसआईकॉन 2026) में सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज (पीबीएम), बीकानेर के यूरोलॉजी विभाग ने शानदार प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशेषज्ञता का लोहा मनवाया। विभाग के प्रमुख डॉ. मुकेश चंद्र आर्य को उनकी उत्कृष्ट शैक्षणिक एवं सर्जिकल गतिविधियों के लिए ‘विशेष प्रशंसा प्रमाण-पत्र’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान भारतीय यूरोलॉजी स्कूल ऑफ फैकल्टी और यूरोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया फैकल्टी द्वारा वर्ष 2025 की उनकी उल्लेखनीय सेवाओं के लिए प्रदान किया गया।
29 जनवरी से 1 फरवरी तक इंदौर में आयोजित इस चार दिवसीय महासम्मेलन में ‘यूरोलॉजी अनलीश्ड: इनोवेशन्स, इनसाइट्स एंड इम्पैक्ट’ थीम के तहत देशभर के विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। डॉ. आर्य ने दो उच्चस्तरीय सर्जिकल वीडियो प्रस्तुत किए, जिन्हें राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय फैकल्टी ने खूब सराहा। पहली प्रस्तुति ‘फेमिनाइजिंग जेनिटोप्लास्टी’ पर आधारित थी, जबकि दूसरी प्रस्तुति में ‘मेल एपिस्पेडियास’ के 25 जटिल मामलों की सफल सर्जिकल श्रृंखला को प्रदर्शित किया गया। ये प्रस्तुतियां पेडियाट्रिक यूरोलॉजी के क्षेत्र में बीकानेर की बढ़ती पहचान को रेखांकित करती हैं।
विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अजय गांधी ने भी ‘ब्लैडर नेक रिकंस्ट्रक्शन’ पर एक वीडियो प्रस्तुत कर विभाग की बहुमुखी क्षमता का परिचय दिया। साथ ही, यूरोलॉजी रेजिडेंट डॉ. नरेंद्र ढाका और डॉ. रोहित खंडेलवाल ने मॉडरेटेड पोस्टर सत्र में अपने शोध कार्य प्रस्तुत कर युवा चिकित्सकों की वैज्ञानिक सोच को दर्शाया।
डॉ. मुकेश चंद्र आर्य ने इस उपलब्धि को पूरे विभाग, रेजिडेंट्स, नर्सिंग स्टाफ और मेडिकल कॉलेज प्रशासन के सामूहिक सहयोग का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि विभाग पेडियाट्रिक एवं रीकंस्ट्रक्टिव यूरोलॉजी में नए कीर्तिमान स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस राष्ट्रीय मान्यता के साथ, सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज, बीकानेर का यूरोलॉजी विभाग अब देश में एक उत्कृष्ट पेडियाट्रिक यूरोलॉजी केंद्र के रूप में उभर रहा है।
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