बीबीएन,बीकानेर। जिले में मादक पदार्थों के बढ़ते अवैध कारोबार और उससे जुड़े आपराधिक नेटवर्क को ध्वस्त करने के उद्देश्य से पुलिस ने “ऑपरेशन नीलकंठ” नामक विशेष अभियान शुरू किया है। इस अभियान का लक्ष्य केवल नशा तस्करों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके पूरे आर्थिक तंत्र, अवैध संपत्तियों और सामाजिक प्रभाव को समाप्त करना है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस अभियान में जागरूकता, सख्त प्रवर्तन कार्रवाई और बहुस्तरीय निगरानी को समान महत्व दिया जाएगा ताकि परिणाम प्रभावी और दीर्घकालिक हों।
अभियान के तहत जागरूकता को प्रमुख आधार बनाया गया है, जिसके अंतर्गत स्कूलों, महाविद्यालयों, कोचिंग संस्थानों और सार्वजनिक स्थानों पर नशा विरोधी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में विशेष रूप से युवाओं और संवेदनशील वर्गों को लक्षित कर नशे के दुष्प्रभावों तथा कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी जाएगी। प्रत्येक थाना क्षेत्र में नियमित रूप से ऐसे कार्यक्रम आयोजित कर उनका डिजिटल रिकॉर्ड संधारित करना अनिवार्य किया गया है, ताकि अभियान की प्रगति का सटीक आकलन किया जा सके।
प्रवर्तन कार्रवाई के तहत पुलिस ने नशा तस्करों और उनके सहयोगियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की रणनीति बनाई है। सक्रिय अपराधियों की पहचान कर उनके विरुद्ध त्वरित कार्रवाई की जाएगी, वहीं पूर्व में संलिप्त अपराधियों की निगरानी बढ़ाई जाएगी ताकि वे पुनः अपराध में शामिल न हो सकें। थाना स्तर पर आदतन अपराधियों की सूची तैयार कर उनके खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके साथ ही एनडीपीएस एक्ट के तहत अर्जित अवैध संपत्तियों की पहचान कर उन्हें जब्त करने की प्रक्रिया को भी अनिवार्य किया गया है, जिसमें बैंक खाते, वाहन, भूमि और अन्य संपत्तियों की जांच शामिल होगी।
अभियान का एक महत्वपूर्ण पहलू अवैध निर्माण और अतिक्रमण के विरुद्ध कार्रवाई भी है। अपराध से जुड़े ऐसे निर्माणों को चिन्हित कर प्रशासनिक विभागों के समन्वय से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी, जिससे अपराधियों के प्रभाव को कमजोर किया जा सके। इस पूरी प्रक्रिया में विधिक प्रावधानों और न्यायालय के दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। अभियान की प्रभावशीलता बनाए रखने के लिए सख्त मॉनिटरिंग सिस्टम लागू किया गया है, जिसमें थाना स्तर पर साप्ताहिक समीक्षा, वृत स्तर पर सत्यापन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्तर पर संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी और जिला स्तर पर मासिक समीक्षा बैठकें आयोजित की जाएंगी। इन बैठकों में विभिन्न थानों की प्रगति का तुलनात्मक विश्लेषण किया जाएगा, उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों को प्रोत्साहित किया जाएगा तथा लापरवाही पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।
प्रत्येक थाने में “ऑपरेशन नीलकंठ रजिस्टर” संधारित करना अनिवार्य किया गया है, जिसमें चिन्हित अपराधियों, की गई कार्रवाई, जब्ती, फ्रीजिंग और जागरूकता कार्यक्रमों का विस्तृत विवरण दर्ज किया जाएगा। साथ ही सभी कार्यवाहियों का डिजिटल रिकॉर्ड भी सुरक्षित रखा जाएगा, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।



