बीबीएन, नेटवर्क | राजधानी जयपुर ने 78वें सेना दिवस पर भारतीय सैन्य इतिहास का एक गौरवशाली अध्याय साक्षी बनकर देखा। पहली बार किसी बड़े शहरी मार्ग पर आयोजित इस भव्य परेड में भारतीय सेना की युद्ध क्षमता, तकनीकी प्रगति, अनुशासन और राष्ट्र के प्रति प्रतिबद्धता का प्रभावशाली प्रदर्शन हुआ। इस ऐतिहासिक आयोजन में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान और थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। परेड का आयोजन महल रोड पर किया गया, जिसे देखने के लिए एक लाख से अधिक नागरिक उमड़े। परेड में अत्याधुनिक हथियार प्रणालियों, स्वदेशी सैन्य तकनीकों, हेलीकॉप्टर फ्लाई-पास्ट, ड्रोन क्षमता, बख्तरबंद वाहनों और विविध रेजिमेंट्स की सहभागिता ने देश की रक्षा तैयारी को स्पष्ट रूप से सामने रखा।
✦ शौर्य और सम्मान का संगम
सेना दिवस परेड के दौरान थल सेनाध्यक्ष ने मरणोपरांत वीरता पुरस्कार प्राप्त करने वाले सैनिकों के परिजनों को सम्मानित किया। यह क्षण राष्ट्र की ओर से उनके बलिदान के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक बना।
✦ आधुनिक युद्ध की झलक
परेड में टैंक, रॉकेट सिस्टम, आर्टिलरी गन, वायु रक्षा प्लेटफॉर्म, मानवरहित ड्रोन और रोबोटिक प्रणालियों का प्रदर्शन किया गया। इससे यह स्पष्ट संदेश गया कि भारतीय सेना भविष्य की चुनौतियों के लिए पूरी तरह तैयार है और आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा को रक्षा क्षेत्र में मजबूती से लागू कर रही है।
✦ जनता और सेना का मजबूत रिश्ता
जयपुर की सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब यह दर्शाता रहा कि सेना और नागरिकों के बीच विश्वास और सम्मान का रिश्ता कितना गहरा है। नेपाल मिलिट्री बैंड की सहभागिता ने भारत-नेपाल सैन्य संबंधों की ऐतिहासिक मजबूती को भी रेखांकित किया।
✦ सांस्कृतिक रंग और सैन्य परंपरा
लोकनृत्य, सैन्य बैंड, मोटरसाइकिल स्टंट और कैनाइन डिस्प्ले ने आयोजन को जीवंत बना दिया। सेना की झांकियों में आधुनिकीकरण, परिवर्तन के दशक और अभियान आधारित क्षमताओं को रचनात्मक रूप से प्रस्तुत किया गया।
✦ शौर्य संध्या में राष्ट्रगौरव
शाम को आयोजित ‘शौर्य संध्या’ में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष महत्व दिया। ड्रोन शो, युद्ध कला प्रदर्शन और सैन्य अभियानों के मंचन ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। भारतीय सेना दिवस का यह आयोजन केवल एक परेड नहीं, बल्कि यह संदेश था कि भारत की सेनाएं तकनीक, संकल्प और पराक्रम के साथ राष्ट्र की रक्षा के लिए हर क्षण तैयार हैं।





