बीबीएन, नेटवर्क | पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जयपुर स्थित सप्त शक्ति ऑडिटोरियम में मंगलवार को एक महत्वपूर्ण ईसीएचएस (Ex-Servicemen Contributory Health Scheme) अनुपालन सेमिनार आयोजित किया गया। इस सेमिनार में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, समयबद्धता, कैशलेस उपचार व्यवस्था, नीति सुधार और सेवा वितरण तंत्र को अधिक प्रभावी बनाने पर विस्तृत चर्चा की गई। कार्यक्रम में सेना के वरिष्ठ अधिकारियों, ईसीएचएस से जुड़े संस्थानों, अस्पतालों और पूर्व सैनिकों के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने के लिए सुझाव दिए।
सेमिनार का उद्देश्य: समन्वय और सुधार
यह आयोजन पूर्व सैनिकों, उनके परिवारों, सैन्य अस्पतालों, एम्पैनल्ड अस्पतालों, ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक्स और प्रशासनिक इकाइयों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने के उद्देश्य से किया गया। हाइब्रिड मोड में आयोजित इस सेमिनार ने विभिन्न हितधारकों को एक साझा मंच प्रदान किया, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं के हर चरण को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाने की दिशा में ठोस पहल की जा सके।
स्वास्थ्य सेवाओं की पूरी श्रृंखला पर फोकस
चर्चा के दौरान ‘आउटपेशेंट केयर’ से लेकर ‘इनपेशेंट केयर’ तक की पूरी प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने पर विशेष जोर दिया गया। इसमें प्रारंभिक जांच, चिकित्सकीय परामर्श, दवाओं की उपलब्धता, अस्पताल में भर्ती, विशेष उपचार और बिल निपटान प्रणाली को अधिक पारदर्शी और तेज बनाने के उपायों पर विचार-विमर्श हुआ।
नीतियों, चुनौतियों और भविष्य की रणनीति पर मंथन
प्रतिभागियों ने ईसीएचएस की वर्तमान नीतियों, सेवा प्रदायगी में आ रही व्यावहारिक समस्याओं और भविष्य की दिशा को लेकर अपने विचार साझा किए। बेहतर कार्यप्रणाली, जवाबदेही और लाभार्थियों को समय पर सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव सामने आए।
सामूहिक प्रतिबद्धता के साथ समापन
सेमिनार का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि पूर्व सैनिकों को गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित की जाएंगी। उपस्थित पूर्व सैनिकों ने इस पहल को सराहनीय बताते हुए कहा कि ऐसे प्रयास ईसीएचएस प्रणाली को अधिक प्रभावी और उत्तरदायी बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे।



