बीबीएन,बीकानेर। प्रदेश में अपराध नियंत्रण को और प्रभावी बनाने के लिए बीकानेर रेंज में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने नशे के खिलाफ सख्त अभियान, गैंगस्टर नेटवर्क पर कड़ी कार्रवाई, सड़क हादसों में कमी और साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए। बैठक में जिलावार अपराध स्थिति की समीक्षा करते हुए पुलिस अधिकारियों को निरंतर मॉनिटरिंग, त्वरित कार्रवाई और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बीकानेर स्थित मोटर ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल सभागार में आयोजित इस बैठक में रेंज के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बीकानेर, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर और चूरू जिलों के पुलिस अधीक्षक शामिल हुए। बैठक की शुरुआत में रेंज की अपराध स्थिति का विस्तृत प्रस्तुतिकरण किया गया, जिसमें विभिन्न कानूनों के तहत की गई कार्रवाई और चुनौतियों पर चर्चा हुई। डीजीपी ने सीमावर्ती क्षेत्रों की संवेदनशीलता को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हार्डकोर अपराधियों और संगठित गिरोहों के खिलाफ निरंतर और ठोस कार्रवाई जरूरी है। साथ ही लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण और हर गंभीर अपराध में प्रभावी फॉलोअप पर जोर दिया गया।
नशे के खिलाफ अभियान को और मजबूत करने के लिए पुलिस और संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता बताई गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सप्ताह में एक दिन विशेष रूप से ड्रग्स के खिलाफ कार्रवाई के लिए निर्धारित किया जाए, ताकि इस समस्या पर लगातार प्रहार किया जा सके।
सड़क सुरक्षा को लेकर भी सख्त रुख अपनाते हुए ड्रंक एंड ड्राइव और ओवरस्पीडिंग के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति लागू करने को कहा गया। मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की समीक्षा करते हुए दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए ठोस रणनीति अपनाने पर बल दिया गया।
इसके अलावा संपर्क पोर्टल पर लंबित शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण, साइबर अपराधों से निपटने के लिए तकनीकी दक्षता बढ़ाने और महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। पुलिसिंग के आधुनिकीकरण और युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए युवा सीएलजी गठन पर भी जोर दिया गया। बैठक में एडीजी क्राइम बिपिन पांडे, डीआईजी कुंवर राष्ट्रदीप सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।




