बीबीएन,बीकानेर। प्राचीन केसरिया हनुमान मंदिर में 82वें स्थापना दिवस पर आयोजित भव्य रामकथा महोत्सव रविवार को श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के वातावरण में संपन्न हो गया। कथा के अंतिम दिन निधि गुप्ता और दिनेश गुप्ता ने मुख्य यजमान के रूप में पूजा-अर्चना कर धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया। समापन अवसर पर विभीषण शरणागति, राम सेतु निर्माण, श्रीराम-रावण युद्ध, अयोध्या आगमन और रामराज्य जैसे प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया गया। कथा स्थल पर जय श्रीराम के उद्घोष और भजनों की स्वर लहरियों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। वहीं, कथा में सहयोग देने वाले कलाकारों का सम्मान भी किया गया। मंदिर समिति ने 11 मई को आयोजित होने वाले सहस्त्र घट अभिषेक में अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से शामिल होने की अपील की है।
रामकथा के अंतिम दिन कथावाचक पंडित केशव शुक्ला ने भगवान श्रीराम के आदर्श चरित्र और धर्म की विजय से जुड़े प्रसंगों का विस्तार से वर्णन किया। विभीषण शरणागति प्रसंग के माध्यम से करुणा और शरणागत वत्सलता का संदेश दिया गया, जबकि राम सेतु निर्माण को श्रद्धा और सामूहिक शक्ति का प्रतीक बताया गया। श्रीराम-रावण युद्ध के प्रसंग में अधर्म पर धर्म की विजय का महत्व समझाया गया। रामराज्य के वर्णन ने श्रद्धालुओं को सत्य, न्याय और मर्यादा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।
कथा के दौरान प्रस्तुत भजनों और संगीत ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। “श्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में” भजन की प्रस्तुति के दौरान श्रद्धालु भक्ति में झूम उठे और मंदिर परिसर राममय वातावरण में डूब गया। आयोजन के अंतिम दिन भक्तों ने कलाकारों पर पुष्प वर्षा कर उनका अभिनंदन किया।
मंदिर समिति की ओर से कथा में विशेष सहयोग देने वाले कलाकारों का सम्मान समारोह भी आयोजित किया गया। तबला वादन में विकास, ऑर्गन वादन में सोनू, गायक उत्कृष्ट तथा सरस्वती आचार्य को साफा, माल्यार्पण और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। समिति ने कहा कि इन कलाकारों की संगीत साधना और भक्ति भावना ने पूरे आयोजन को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
मंदिर के मुख्य पुजारी अंजनी कुमार शुक्ल ने बताया कि 82वें स्थापना दिवस पर आयोजित यह रामकथा महोत्सव भक्तों की आस्था और सहभागिता के कारण अत्यंत सफल रहा। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं, कलाकारों और सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने जानकारी दी कि 11 मई को मंदिर परिसर में सहस्त्र घट अभिषेक का आयोजन दोपहर 1 बजे से किया जाएगा। इस विशेष धार्मिक अनुष्ठान में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। मंदिर समिति ने भक्तों से धर्म लाभ लेने के लिए समय पर पहुंचने की अपील की है।


