बीबीएन, नेटवर्क। रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने शनिवार को राजधानी दिल्ली में आयोजित “एआईओएस-सशस्त्र बल नेत्र विज्ञान अपडेट 2026” सम्मेलन का उद्घाटन किया। दो दिवसीय इस राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन सेना अस्पताल (रिसर्च एंड रेफरल), नई दिल्ली के नेत्र विज्ञान विभाग ने अखिल भारतीय नेत्र विज्ञान समिति (AIOS) के सहयोग से किया है। सम्मेलन में भारत और विदेशों से आए सैन्य एवं नागरिक नेत्र रोग विशेषज्ञ अत्याधुनिक चिकित्सा तकनीक, अनुसंधान और नैदानिक नवाचारों पर विचार-विमर्श कर रहे हैं।
कार्यक्रम को सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, जहां सैन्य चिकित्सा विशेषज्ञों और प्रतिष्ठित नागरिक चिकित्सकों को एक साझा अकादमिक मंच पर एकत्र किया गया। सम्मेलन का उद्देश्य नेत्र विज्ञान के क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित निदान और उन्नत शल्य चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देना है।
‘नर सेवा नारायण सेवा’ की भावना से कार्य कर रही सैन्य चिकित्सा सेवाएं
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं, सेना चिकित्सा कोर और अखिल भारतीय नेत्र विज्ञान समिति के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण में चिकित्सकों और स्वास्थ्य सेवा पेशेवरों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि भारतीय नेत्र रोग विशेषज्ञ विश्व के सर्वश्रेष्ठ विशेषज्ञों में शामिल हैं और उनकी विशेषज्ञता ने लाखों लोगों के जीवन में नई रोशनी पहुंचाई है। उन्होंने विशेष रूप से सैन्य चिकित्सा सेवाओं के कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि सशस्त्र बलों के चिकित्सक कठिन परिस्थितियों में भी उत्कृष्ट सेवा दे रहे हैं।
सैन्य अस्पतालों में आधुनिक तकनीकों की सराहना
रक्षा राज्य मंत्री ने सशस्त्र बलों के अस्पतालों में उपलब्ध अत्याधुनिक नेत्र चिकित्सा उपकरणों और उन्नत शल्य तकनीकों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि भारतीय सैन्य चिकित्सा प्रतिष्ठान विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाओं और आधुनिक निदान प्रणालियों से सुसज्जित है। उन्होंने सेना अस्पताल (रिसर्च एंड रेफरल) में हाल ही में स्थापित “एडवांस्ड सेंटर ऑफ ऑप्थैल्मोलॉजी एंड विज़ुअल साइंसेज” को सैन्य चिकित्सा क्षेत्र में उत्कृष्टता का प्रतीक बताया। उनके अनुसार यह केंद्र आने वाले समय में शोध और नवाचार का प्रमुख केंद्र बनेगा।
सीमावर्ती क्षेत्रों में लगाए गए विशेष नेत्र शिविर
संजय सेठ ने पिछले 16 महीनों में देश के सीमावर्ती और दूरस्थ इलाकों में आयोजित आठ उन्नत शल्य चिकित्सा शिविरों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन अभियानों ने हजारों लोगों को दृष्टि की नई रोशनी दी है। उन्होंने इसे सशस्त्र बलों की मानवीय सेवा भावना का श्रेष्ठ उदाहरण बताया।
अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का हुआ सम्मान
सम्मेलन के दौरान कॉर्नियल विज्ञान के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले ब्रिटेन के नॉटिंघम विश्वविद्यालय के प्रोफेसर हरमिंदर सिंह दुआ और सिंगापुर के एआई आधारित नेत्र निदान विशेषज्ञ डॉ. कॉलिन सियांग हुई टैन को सम्मानित किया गया। दोनों विशेषज्ञों को नेत्र विज्ञान में वैश्विक स्तर पर उनके योगदान के लिए विशेष सम्मान प्रदान किया गया।
शीर्ष सैन्य नेतृत्व रहा मौजूद
उद्घाटन समारोह में प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल अनिल चौहान, थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी, नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी, वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह तथा रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा महानिदेशक वाइस एडमिरल आरती सरीन ने कहा कि अनुसंधान और अकादमिक सहयोग सैन्य चिकित्सा के स्तर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि यह सम्मेलन देश में नेत्र विज्ञान से जुड़े आयोजनों के लिए नया मानदंड स्थापित करेगा।


