⭕ सप्त शक्ति कमांड की शौर्य संध्या ने दिखाया सैन्य सामर्थ्य
बीबीएन, नेटवर्क | राजधानी जयपुर के ऐतिहासिक सवाई मानसिंह स्टेडियम में भारतीय सेना द्वारा आयोजित भव्य कार्यक्रम ‘शौर्य संध्या’ ने राष्ट्रभक्ति, सैन्य गौरव और सांस्कृतिक परंपराओं का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। सप्त शक्ति कमांड के नेतृत्व में आयोजित यह आयोजन सेना दिवस से पूर्व राष्ट्रीय सम्मान और सैन्य प्रतिबद्धता का प्रतीक बनकर उभरा। कार्यक्रम में सेना की परिचालन तत्परता, स्वदेशी युद्ध परंपराओं, आधुनिक तकनीक और सैनिकों के अदम्य साहस को एक मंच पर प्रस्तुत किया गया।
इस विशेष अवसर पर सप्त शक्ति कमांड के आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में वरिष्ठ सैन्य अधिकारी, वीर सैनिकों के परिजन, पूर्व सैनिक, नागरिक प्रशासन के प्रतिनिधि, मीडिया तथा बड़ी संख्या में आम नागरिकों की सहभागिता रही। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि के औपचारिक स्वागत के साथ हुई। इसके पश्चात पैरामोटर प्रदर्शन और प्रतीकात्मक गतिविधियों ने समारोह को ऊर्जावान बनाया। सेना की क्षमता और रणनीतिक तैयारी को दर्शाती एक विशेष दृश्य प्रस्तुति ने दर्शकों को भारतीय सेना की कार्यकुशलता से परिचित कराया।
अपने संबोधन में लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह ने कहा कि सीमाओं की सुरक्षा केवल सैन्य दायित्व नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति सर्वोच्च कर्तव्य है, और इसमें नागरिकों का नैतिक समर्थन सेना के मनोबल को और सुदृढ़ करता है। कार्यक्रम के दौरान कलरीपायट्टु और मल्लखम्ब जैसी स्वदेशी युद्ध एवं शारीरिक विधाओं का सशक्त प्रदर्शन किया गया, जिसने सेना के अनुशासन, शक्ति और सांस्कृतिक जड़ों को प्रभावी ढंग से उजागर किया।
शौर्य संध्या का समापन युद्ध-आधारित लाइट एंड साउंड शो और अत्याधुनिक ड्रोन डिस्प्ले के साथ हुआ, जिसने आसमान को तिरंगे के रंगों में रंगते हुए दर्शकों को देशभक्ति की भावना से भर दिया। यह आयोजन न केवल सेना के बलिदान और परिश्रम को सम्मान देने का माध्यम बना, बल्कि सेना और समाज के बीच विश्वास, सम्मान और भावनात्मक जुड़ाव को भी नई मजबूती प्रदान करता दिखाई दिया।




