बीबीएन,बीकानेर। साइबर ठगी से अर्जित धन को अपराध जगत तक पहुंचाने वाले नेटवर्क के खिलाफ बीकानेर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। विशेष साइबर अभियान के तहत पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो कथित रूप से साइबर ठगों से प्राप्त रकम को बैंक खातों के जरिए इकट्ठा कर क्रिप्टोकरेंसी में परिवर्तित करते थे और फिर विभिन्न राज्यों में सक्रिय आपराधिक गिरोहों तक पहुंचाते थे। जांच में सामने आया है कि आरोपियों के बैंक खातों में देशभर से दर्ज 23 साइबर शिकायतों से जुड़ी करीब 50 लाख रुपये की संदिग्ध राशि जमा हुई थी। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी कुख्यात रोहित गोदारा गिरोह से जुड़े होने के संदेह में पूछताछ के दायरे में हैं।
साइबर अपराध की रकम को दिया जाता था नया रूप
पुलिस अधीक्षक बीकानेर के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान के दौरान साइबर थाना टीम ने संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की पड़ताल की। जांच में पता चला कि साइबर ठगी से प्राप्त रकम पहले विभिन्न बैंक खातों में जमा करवाई जाती थी। इसके बाद डिजिटल प्लेटफॉर्म और क्रिप्टो माध्यमों का उपयोग कर धन की वास्तविक पहचान छिपाई जाती थी। पुलिस का दावा है कि यह रकम बाद में संगठित आपराधिक गतिविधियों में उपयोग के लिए आगे भेजी जाती थी।
देशभर से जुड़े मिले लेन-देन के तार
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपियों के खातों में कई राज्यों से धनराशि ट्रांसफर हुई थी। साइबर शिकायतों के आधार पर जुटाए गए तकनीकी साक्ष्यों ने वित्तीय गतिविधियों और अपराधियों के बीच संबंधों की पुष्टि की। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य खातों, सहयोगियों और धन के अंतिम उपयोगकर्ताओं की पहचान में जुटी है।
गिरोह के विस्तार और हथियारों तक पहुंच की जांच
पूछताछ में ऐसे संकेत मिले हैं कि अवैध रूप से प्राप्त धन का उपयोग अपराधी गिरोहों की गतिविधियों को मजबूत करने में किया जा रहा था। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि कहीं इस रकम का इस्तेमाल हथियारों की खरीद, रंगदारी वसूली या अन्य संगठित अपराधों में तो नहीं किया गया। पुलिस ने मामले को वित्तीय अपराध और संगठित अपराध के संयुक्त एंगल से जांच के दायरे में लिया है।
पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड भी आया सामने
जांच के दौरान गिरफ्तार आरोपियों में से एक के खिलाफ मारपीट, अपहरण, जानलेवा हमला और अवैध हथियार रखने जैसे गंभीर मामलों में पहले से प्रकरण दर्ज होने की जानकारी मिली है। दूसरे आरोपी के आपराधिक इतिहास और नेटवर्क में भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
गिरफ्तार आरोपी
संदीप स्वामी (32), रामपुरा बस्ती, बीकानेर
मुकेश बिश्नोई (28), रामपुरा बस्ती, बीकानेर
आमजन के लिए पुलिस की सलाह
साइबर अपराधी अक्सर कमीशन या त्वरित कमाई का लालच देकर बैंक खाते, एटीएम कार्ड और मोबाइल सिम का दुरुपयोग करते हैं। किसी भी अनजान व्यक्ति को अपनी बैंकिंग या पहचान संबंधी जानकारी उपलब्ध न कराएं। संदिग्ध वित्तीय गतिविधि दिखाई देने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।




