बीबीएन,बीकानेर। सिंचित क्षेत्र विकास विभाग (CAD) की वेबसाइट पर वर्षों पहले उपलब्ध कराई जाने वाली तकनीकी जानकारियों को दोबारा सार्वजनिक करने की मांग तेज हो गई है। सामाजिक कार्यकर्ता नरेन्द्र आर्य ने संभागायुक्त एवं सिंचित क्षेत्र विकास आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर इंदिरा गांधी नहर परियोजना से जुड़े हाइड्रोलिक सर्वे, विभिन्न नहर प्रणालियों के इंडेक्स प्लान तथा SCADA प्रणाली को शीघ्र ऑनलाइन उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे सिंचाई व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी और किसानों को आवश्यक तकनीकी जानकारी आसानी से मिल सकेगी।
सात दस्तावेज़ दोबारा ऑनलाइन करने की मांग
ज्ञापन में कहा गया है कि कुछ वर्ष पहले तक विभाग की वेबसाइट पर इंदिरा गांधी नहर परियोजना के आउटलेट्स का हाइड्रोलिक सर्वे तथा बीकानेर, जैसलमेर, गडरा रोड उपशाखा, अमर सिंह उपशाखा, गंग नहर प्रणाली और सिद्धमुख-नोहर सिंचाई परियोजना के इंडेक्स प्लान उपलब्ध थे। अब ये जानकारियां वेबसाइट से हट चुकी हैं। इन्हें अद्यतन कर पुनः सार्वजनिक करने की मांग की गई है।
हाइड्रोलिक सर्वे और इंडेक्स प्लान उपलब्ध कराने का आग्रह
ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि जिन परियोजनाओं के केवल इंडेक्स प्लान उपलब्ध थे, उनके हाइड्रोलिक सर्वे भी ऑनलाइन किए जाएं। वहीं जिन क्षेत्रों का हाइड्रोलिक सर्वे पहले उपलब्ध था, उनके इंडेक्स प्लान भी वेबसाइट पर जोड़े जाएं ताकि तकनीकी जानकारी एक ही मंच पर उपलब्ध हो सके।
SCADA प्रणाली शुरू करने के आश्वासन की याद दिलाई
सामाजिक कार्यकर्ता ने ज्ञापन में उल्लेख किया कि नवंबर 2023 में रेगुलेशन कमेटी की बैठक के दौरान तत्कालीन मुख्य अभियंता, हनुमानगढ़ ने SCADA प्रणाली को दो-तीन माह में इंटरनेट पर शुरू करने का आश्वासन दिया था। उनका कहना है कि अब तक यह सुविधा आम लोगों के लिए उपलब्ध नहीं कराई गई है। उन्होंने विभाग से इसे शीघ्र चालू करने की मांग की है।
किसानों और जल प्रबंधन को मिलेगा लाभ
ज्ञापन में कहा गया है कि तकनीकी दस्तावेज़ और SCADA जैसी डिजिटल व्यवस्था सार्वजनिक होने से नहर संचालन की निगरानी अधिक प्रभावी होगी। साथ ही किसानों, जल उपभोक्ताओं और संबंधित हितधारकों को वास्तविक एवं अद्यतन जानकारी आसानी से प्राप्त हो सकेगी, जिससे व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूती मिलेगी।




