बीबीएन,बीकानेर | बीकानेर के ऐतिहासिक ऊँट उत्सव को इस बार नया आयाम मिला है। जिला प्रशासन के नवाचारों के तहत बीकानेर जिला उद्योग संघ को ऊँट उत्सव कार्यक्रमों की आधिकारिक श्रंखला में शामिल कर लिया गया है। 9 से 11 जनवरी तक चलने वाले इस आयोजन में देश–विदेश से आने वाले पर्यटकों को एक ही छत के नीचे बीकानेर के 500 वर्षों के गौरवशाली इतिहास, कला, संस्कृति और परंपराओं के दर्शन सुलभ होंगे।
इतिहास, कला और परंपरा का जीवंत संग्रह
बीकानेर जिला उद्योग संघ के अध्यक्ष द्वारकाप्रसाद पचीसिया एवं सचिव वीरेंद्र किराडू ने बताया कि उद्योग संघ परिसर में स्थापित आर्ट गैलेरी में बीकानेर की कला, साहित्य, तीज–त्योहार, मेलों, तालाबों, बावड़ियों, रम्मतों और ऐतिहासिक घटनाओं को दर्शाने वाले दुर्लभ छायाचित्रों का अनूठा संग्रह मौजूद है। यह गैलेरी बीकानेर के सांस्कृतिक वैभव को जीवंत रूप में प्रस्तुत करती है, जिसे पर्यटन के दृष्टिकोण से मिनी टूरिज्म सेंटर कहना भी अतिशयोक्ति नहीं होगी।
9 जनवरी को ‘मान-मनुहार’ कार्यक्रम
उद्योग संघ को 9 जनवरी को प्रातः 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक पर्यटकों के स्वागत और सत्कार की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस दौरान आने वाले मेहमानों को बीकानेर के सुप्रसिद्ध पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद भी चखाया जाएगा। इस पहल से पर्यटकों को न केवल बीकानेर की विरासत देखने का अवसर मिलेगा, बल्कि यहां की मेहमाननवाज़ी का अनुभव भी होगा।
हस्तनिर्मित चित्रों में झलकेगा भारत का गौरव
गैलेरी में केवल छायाचित्र ही नहीं, बल्कि कुशल दस्तकारों द्वारा हाथों से निर्मित ऐसी चित्रकारी भी प्रदर्शित की गई है, जिसमें बीकानेर सहित भारत की आन, बान और शान से जुड़ी महान शख्सियतों को उकेरा गया है। यह ऐतिहासिक परिदृश्य का एक दुर्लभ और अनुपम उदाहरण प्रस्तुत करता है।
पर्यटन को मिलेगा नया संबल
उद्योग संघ पदाधिकारियों ने जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह पहल निश्चित रूप से बीकानेर को समझने और जानने के लिए आने वाले पर्यटकों के लिए एक सशक्त माध्यम बनेगी और शहर के पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।

