बीबीएन, नेटवर्क । भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य के साथ रक्षा क्षेत्र में बड़े बदलाव की दिशा तय करते हुए रक्षा मंत्रालय ने ‘Defence Forces Vision 2047: A Roadmap for a Future-Ready Indian Military’ दस्तावेज जारी किया है। इस विज़न डॉक्यूमेंट में भारतीय सशस्त्र बलों को आधुनिक, तकनीकी रूप से सक्षम और बहु-आयामी युद्ध के लिए तैयार करने की रणनीति प्रस्तुत की गई है। इसमें सेवाओं के बीच संयुक्त संचालन, स्वदेशी रक्षा तकनीक, आधुनिक प्रशिक्षण ढांचा और दीर्घकालिक सैन्य क्षमताओं के विकास को प्रमुख आधार बनाया गया है। दस्तावेज का उद्देश्य तेजी से बदल रहे वैश्विक सुरक्षा परिवेश के बीच भारत की सैन्य क्षमता को मजबूत करना और 2047 तक विश्व-स्तरीय, युद्ध-सक्षम और तकनीकी रूप से उन्नत रक्षा बल तैयार करना है।
क्या है ‘डिफेंस फोर्सेज विज़न 2047’
रक्षा मंत्रालय के अनुसार यह दस्तावेज इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ मुख्यालय द्वारा तैयार किया गया एक व्यापक खाका है, जिसमें भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना की क्षमताओं को समन्वित रूप से विकसित करने की योजना दी गई है। इसमें सैन्य संगठन में संरचनात्मक सुधार, नई युद्ध तकनीकों को अपनाने और रणनीतिक साझेदारियों को बढ़ाने के उपाय शामिल किए गए हैं।
क्यों जरूरी माना गया यह विज़न
वैश्विक स्तर पर बदलते सुरक्षा समीकरण, उभरती सैन्य तकनीकों और बहु-क्षेत्रीय युद्ध की चुनौतियों को देखते हुए भारत को एक फुर्तीली, समन्वित और तकनीकी रूप से उन्नत सेना की आवश्यकता महसूस की जा रही है। विज़न दस्तावेज इसी दिशा में दीर्घकालिक योजना प्रस्तुत करता है, जिससे भारत की सामरिक और सुरक्षा जरूरतों को प्रभावी ढंग से पूरा किया जा सके।
विज़न डॉक्यूमेंट के प्रमुख बिंदु
1. संयुक्तता और समन्वय पर जोर
तीनों सेनाओं के बीच योजना, संचालन और संसाधन विकास में बेहतर तालमेल स्थापित करने की रणनीति।
2. बहु-आयामी युद्ध क्षमता
भविष्य के युद्धों में भूमि, समुद्र, वायु, साइबर और अंतरिक्ष क्षेत्रों में एकीकृत संचालन क्षमता विकसित करने का लक्ष्य।
3. उन्नत तकनीक और नवाचार
कृत्रिम बुद्धिमत्ता, साइबर सुरक्षा, ड्रोन, स्वायत्त प्रणालियों और डिजिटल युद्ध तकनीकों को सैन्य ढांचे में शामिल करने पर बल।
4. स्वदेशी रक्षा उत्पादन
रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने और घरेलू उद्योग को प्रोत्साहन देकर स्वदेशी तकनीक विकसित करने पर विशेष फोकस।
5. आधुनिक प्रशिक्षण ढांचा
भविष्य के युद्ध की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए सैनिकों के प्रशिक्षण और कौशल विकास के नए मॉडल।
चरणबद्ध तरीके से होगा क्रियान्वयन
विज़न 2047 में सैन्य क्षमताओं के विकास के लिए लघु अवधि, मध्यम अवधि और दीर्घकालिक लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। इस चरणबद्ध योजना के माध्यम से रक्षा बलों में संस्थागत सुधार, नई क्षमताओं का निर्माण और रणनीतिक साझेदारियों को विकसित किया जाएगा।
‘होल-ऑफ-नेशन’ दृष्टिकोण
दस्तावेज में यह भी स्पष्ट किया गया है कि भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए केवल सैन्य शक्ति पर्याप्त नहीं होगी। इसके लिए कूटनीति, तकनीक और आर्थिक शक्ति को भी एकीकृत रूप से जोड़ने की आवश्यकता होगी। सरकार का लक्ष्य है कि स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने तक भारत की सेना वैश्विक स्तर पर सम्मानित, आधुनिक और युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार बल के रूप में स्थापित हो।




