बीबीएन, नेटवर्क, 15 अगस्त। भारतीय सेना के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। हरियाणा के जींद ज़िले के धामतन साहिब गांव की बेटी लांस नायक मंजू नैण ने सेना की पहली महिला स्काईडाइवर बनकर एक असाधारण उपलब्धि हासिल की है। 15 नवंबर 2022 को उन्होंने असम के मिसामारी स्थित ड्रॉप ज़ोन पर ‘एडवांस लाइट हेलिकॉप्टर (ध्रुव)’ से 10 हज़ार फीट की ऊंचाई से छलांग लगाई। हवा में तिरंगे के साथ उनका यह साहसिक कारनामा न केवल व्यक्तिगत विजय थी, बल्कि सेना में महिलाओं की बढ़ती भूमिका का प्रतीक भी बना।
संघर्ष से संकल्प तक का सफ़र
खेती-किसानी करने वाले साधारण परिवार में जन्मी मंजू बचपन से ही अनुशासन और मेहनत की मिसाल रही हैं। तीन भाई-बहनों में सबसे छोटी मंजू के पिता-माता भले पढ़े-लिखे न हों, मगर उन्होंने बेटियों को आगे बढ़ने का हौसला दिया। उनके चाचा ने उन्हें बचपन से ही वर्दी का सपना दिखाया। खेलों में रुचि रखने वाली मंजू ने कबड्डी में राज्य स्तर पर अपना दमखम दिखाया और जिंद के चौधरी भारत सिंह मेमोरियल स्पोर्ट्स स्कूल में प्रशिक्षण लेकर शारीरिक क्षमता और मानसिक मजबूती को निखारा।
वर्दी तक का रास्ता
2019 में मंजू का चयन हरियाणा से पहली बार भर्ती हुई महिला सिपाहियों के पहले बैच में हुआ। 14 दिसंबर 2019 को वे कॉर्प्स ऑफ़ मिलिट्री पुलिस में शामिल हुईं और बेंगलुरु में 61 हफ्तों का कठिन प्रशिक्षण पूरा किया। इसके बाद उन्हें पूर्वी कमान के असम स्थित गोलाघाट में तैनाती मिली, जहां उन्होंने सेना में अनुशासन और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी निभाई।
आसमान में तिरंगे संग उड़ीं
भारतीय सेना के एडवेंचर विंग से प्रशिक्षण लेकर मंजू ने नवंबर 2022 में स्काईडाइविंग का ऐतिहासिक कारनामा किया। हेलिकॉप्टर से छलांग लगाते समय उनका हौसला और चेहरे की दृढ़ता कैमरे में कैद हुई—मुक्त गिरावट के बाद जैसे ही तिरंगे वाला पैराशूट खुला, ज़मीन पर मौजूद हर आंख गर्व से चमक उठी।
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