BSF के ‘सुपर स्निफर’ से नहीं बच पाएंगे पाक से आने वाले ड्रोन
बलजीत गिल.
बीबीएन, बीकानेर,13 अगस्त। पाकिस्तान से भारत में हथियार और नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए भेजे जा रहे ड्रोन अब सीमा सुरक्षा बल (BSF) के नए ‘सुपर स्निफर’ डॉग स्क्वॉड की पकड़ से नहीं बच पाएंगे। देश में पहली बार BSF ने ऐसे प्रशिक्षित कुत्तों को तैनात किया है, जो ड्रोन की मामूली भनभनाहट तक सुनकर जवानों को तत्काल सतर्क कर देते हैं,वो भी तब, जब इंसानी कान उस आवाज़ को सुन ही नहीं पाते।
ग्वालियर के टेकनपुर स्थित नेशनल ट्रेनिंग सेंटर फॉर डॉग्स में लैब्राडोर नस्ल के चार विशेष कुत्तों को पंजाब फ्रंटियर के लिए तैयार किया गया है। ये अब सीमा पर ड्यूटी संभाल चुके हैं, जबकि 14 और कुत्ते प्रशिक्षण प्रक्रिया में हैं। BSF अधिकारियों का कहना है कि रात या तड़के, जब माहौल शांत होता है, तब इन कुत्तों की ड्रोन पहचानने की क्षमता सबसे प्रभावी साबित होती है।
पंजाब फ्रंटियर के आईजी अतुल फुलज़ेले के अनुसार, कुत्तों को विशेष ड्रोन ध्वनियों से परिचित कराया गया है। उनकी श्रवण क्षमता इतनी पैनी है कि वे दूर से आती ध्वनि तरंगों को भांपकर तुरंत सिग्नल दे देते हैं। घने कोहरे वाले मौसम में यह क्षमता सीमा पर निगरानी के लिए और भी अहम हो जाती है।
BSF आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी 2025 से अब तक 175 ड्रोन मार गिराए गए हैं। 2024 में यह संख्या 294 रही थी, जबकि 2023 में 107 ड्रोन पकड़े गए थे। अधिकतर पकड़े गए ड्रोन चीन की कंपनी शेनझेन के ‘DJI Mavic’ सीरीज के हैं, जो 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार, 6,000 मीटर की ऊंचाई और 30 किलोमीटर दूर से नियंत्रण क्षमता रखते हैं।
पंजाब की 553 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा ड्रोन के जरिए नशा और हथियार तस्करी का सबसे सक्रिय मार्ग मानी जाती है। इसके बाद राजस्थान के श्रीगंगानगर क्षेत्र में यह गतिविधियां अधिक होती हैं, जहां घनी आबादी और लिंक रोड तस्करों के लिए छिपने का आसान रास्ता मुहैया कराते हैं।
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