सीमा पर शक्ति का नया प्रतीक: , दिखी भारतीय सेना की नई क्षमता
बीबीएन, नेटवर्क, 26 अक्टूबर। भारत की सीमाओं पर सैन्य तैयारी अब एक नए अध्याय में प्रवेश कर चुकी है। भारतीय सेना ने पहली बार अपने नवगठित ‘भैरव लाइट कमांडो बटालियन’ की आधिकारिक तस्वीरें जारी की हैं, जिनमें इन विशेष बलों को वास्तविक युद्ध जैसी परिस्थितियों में अभ्यास करते हुए देखा जा सकता है। ये तस्वीरें भारत की सीमा सुरक्षा रणनीति में आए तीव्र परिवर्तन और तकनीकी-सक्षम विशेष अभियानों की दिशा में बढ़ते कदमों की झलक देती हैं।
भैरव बटालियनों का नाम भगवान शिव के उग्र रूप ‘भैरव’ से लिया गया है , जो शक्ति, भय और निर्णायक प्रहार के प्रतीक माने जाते हैं। इन बटालियनों की घोषणा थलसेना प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने 26 जुलाई 2025 को कारगिल विजय दिवस समारोह के दौरान द्रास (लद्दाख) में की थी। उन्होंने इसे “सीमा पर शत्रुओं को अप्रत्याशित आघात पहुँचाने वाली अत्यंत घातक विशेष टुकड़ी” बताया था। हर भैरव बटालियन में लगभग 200 से 250 सैनिक शामिल हैं ,जो पारंपरिक 800-सदस्यीय इन्फैंट्री इकाइयों की तुलना में कहीं अधिक चुस्त और तकनीकी रूप से दक्ष हैं। इनमें पैदल सेना, सिग्नल, तोपख़ाना और वायु रक्षा जैसी शाखाओं के विशेषज्ञों का एकीकृत दल तैयार किया गया है।
सेना द्वारा जारी तस्वीरों में इन कमांडो को ऊँचाई वाले हिमालयी क्षेत्रों में वास्तविक गोलीबारी अभ्यास करते हुए देखा जा सकता है। कुछ तस्वीरों में वे ड्रोन-सहायता प्राप्त स्ट्राइक, रात्रिकालीन घुसपैठ अभ्यास और हेलिकॉप्टर से उतरकर त्वरित तैनाती करते हुए नज़र आते हैं। एक प्रभावशाली दृश्य में कमांडो दल खड़ी चट्टानों पर चढ़ाई करते दिखते हैं, जबकि ऊपर से ड्रोन निगरानी कर रहा है। उनके चेहरों पर छद्मावरण पेंट और हेलमेट पर नाइट विज़न उपकरण लगे हैं। एक अन्य तस्वीर में सैनिकों का दल ऊँचाई से लूटिरिंग म्यूनिशन (स्वयं-संचालित बम) दागता दिखाई देता है । जो सेना के तकनीकी स्वावलंबन और स्वचालित युद्ध प्रणालियों पर बढ़ते भरोसे का संकेत है।
ये तस्वीरें न केवल भारतीय सेना के इन अज्ञात नायकों को मानवीय रूप में सामने लाती हैं, बल्कि यह संदेश भी देती हैं कि भारत की सीमाएँ अब पहले से कहीं अधिक सुरक्षित हैं। चीन और पाकिस्तान से बढ़ते सामरिक तनाव के बीच यह प्रदर्शन स्पष्ट करता है कि भारतीय सेना किसी भी चुनौती का सामना “तत्परता और तकनीक” दोनों से करेगी।
—



