बीबीएन, नेटवर्क | अरब सागर में भारत और पाकिस्तान के बीच मिसाइल परीक्षण गतिविधियों ने रणनीतिक हलचल तेज कर दी है। पाकिस्तान द्वारा 200 किलोमीटर क्षेत्र के लिए NOTAM (नोटिस टू एयरमेन) जारी करने के बाद भारत ने जवाबी कदम उठाते हुए 400 किलोमीटर दायरे में NOTAM जारी किया है। दोनों देशों के लगभग समान समय में घोषित मिसाइल परीक्षण कार्यक्रमों और समुद्री निगरानी जहाजों की तैनाती ने क्षेत्रीय सुरक्षा समीकरणों पर वैश्विक ध्यान केंद्रित कर दिया है।
मिसाइल परीक्षण को लेकर बढ़ी रणनीतिक सक्रियता
आधिकारिक सूचनाओं के अनुसार, पाकिस्तान ने 20 अप्रैल तड़के 3 बजे से 21 अप्रैल दोपहर 3 बजे तक मिसाइल परीक्षण के लिए समय निर्धारित किया। इसके तुरंत बाद भारत ने 22 अप्रैल सुबह 9:30 बजे से 25 अप्रैल रात 9:30 बजे तक अपने परीक्षण कार्यक्रम की घोषणा की। दोनों देशों के बीच समय और स्थान की निकटता ने इसे सामान्य सैन्य अभ्यास से अधिक संवेदनशील बना दिया है।
भारत का जवाब: दोगुने दायरे में NOTAM
पाकिस्तान के 200 किमी के NOTAM के मुकाबले भारत ने 400 किमी का दायरा तय कर अपनी रणनीतिक क्षमता का संकेत दिया है। यह कदम न केवल सैन्य तैयारी का प्रतीक है, बल्कि क्षेत्र में संतुलन बनाए रखने का संदेश भी देता है।
अरब सागर बना नया रणनीतिक केंद्र
इन घटनाक्रमों के चलते अरब सागर एक बार फिर सामरिक गतिविधियों का केंद्र बन गया है। दोनों देशों द्वारा जारी चेतावनियां और परीक्षण कार्यक्रम इस ओर इशारा करते हैं कि समुद्री क्षेत्र में निगरानी और सैन्य सतर्कता बढ़ाई जा रही है।
जासूसी जहाजों की तैनाती से बढ़ी सतर्कता
सूत्रों के अनुसार, भारत ने मिसाइल परीक्षण पर नजर रखने के लिए अपने उन्नत सर्विलांस पोत INS ध्रुव को तैनात किया है। वहीं पाकिस्तान ने चीन से प्राप्त जासूसी पोत PNS रिजवान को समुद्र में उतारा है। इन जहाजों का उद्देश्य मिसाइल के तकनीकी पहलुओं जैसे गति, दिशा-निर्देशन और वारहेड गिरने के समय का विश्लेषण करना है।
तनाव नहीं, लेकिन सतर्कता का संकेत
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और पाकिस्तान दोनों नियमित रूप से मिसाइल परीक्षण करते हैं और यह गतिविधियां तय प्रोटोकॉल के तहत होती हैं। हालांकि, इस बार परीक्षणों का समय और समुद्री गतिविधियों का मेल दोनों देशों की बढ़ी हुई सतर्कता को दर्शाता है।



