⭕ डेढ़ साल से फरार आरोपी पकड़ा, धार्मिक स्थलों पर छुपता रहा
बीबीएन, नेटवर्क|शारीरिक शिक्षक भर्ती–2022 में फर्जी डिग्रियों और बैकडेट मार्कशीट तैयार कराकर अभ्यर्थियों से मोटी रकम वसूलने वाले गिरोह के मास्टरमाइंड को एसओजी ने डेढ़ वर्ष की लगातार निगरानी के बाद आखिरकार नोएडा से दबोच लिया। 25 हजार रुपये का इनामी आरोपी रवि कुमार उर्फ रवि त्यागी (38) अपनी प्रेमिका से मिलने छुपकर नोएडा पहुंचा था, जहाँ एसओजी की टीम पहले से घेराबंदी कर इंतजार कर रही थी। मौके पर पहुंचते ही उसे बिना किसी प्रतिरोध के गिरफ्तार कर लिया गया।
एसओजी एडीजी विशाल बंसल के अनुसार, आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए महीनों तक धार्मिक स्थानों कश्मीर, उत्तराखंड, उज्जैन, ओंकारेश्वर, वृंदावन सहित कई भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में छिपता रहा। उसका भ्रम था कि भीड़ में वह पहचान से बच जाएगा और धार्मिक स्थलों पर पुलिस दबाव कम रहेगा।
जांच में सामने आया कि रवि त्यागी ने कोचिंग नेटवर्क, दलालों और निजी विश्वविद्यालयों की मिलीभगत से अभ्यर्थियों को बैकडेट में वैध दिखने वाली फर्जी डिग्रियाँ उपलब्ध कराईं। इन डिग्रियों पर प्राइवेट यूनिवर्सिटियों की मोहऱ और नकली सील लगाकर चयन प्रक्रिया में दस्तावेज़ों को असली जैसा दिखाया जाता था। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने हजारों छात्रों के लिए अलग-अलग कोर्स की डिग्री तैयार कराई हैं।
9 अप्रैल 2025 को ओपीजेएस यूनिवर्सिटी पर कार्रवाई के बाद वह फरार हो गया था। फरारी के दौरान आरोपी मोबाइल फोन बार-बार बदलता रहा और कभी भी एक स्थान पर ज्यादा समय नहीं रुका। पुलिस की निगाह से बचने के लिए वह दोस्तों और रिश्तेदारों के फोन का भी उपयोग करता था। एसओजी की टीम कई महीनों से उसकी गतिविधियों पर गोपनीय नज़र बनाए हुए थी। सूचना मिली कि वह अपनी प्रेमिका से मिलने अक्सर गुप्त रूप से नोएडा आता है। गुरुवार रात भी यही पैटर्न दोहराया गया और टीम ने मौके पर पहुँचकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
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