बीबीएन, नेटवर्क। दक्षिण पश्चिमी कमान मुख्यालय में गुरुवार को नौसेना दिवस का 75वां समारोह सैन्य जोश, परंपरा और अदम्य साहस की मिसाल के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह, पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल माधवेंद्र सिंह, वरिष्ठ पूर्व सैनिक और कमान के अधिकारी बड़ी संख्या में शामिल हुए।
नौसेना दिवस भारत के उस गौरवशाली अध्याय की याद है, जब 1971 के युद्ध में भारतीय नौसेना ने कराची बंदरगाह पर ऑपरेशन ट्राइडेंट के तहत दुश्मन को करारा जवाब दिया था। इसी ऐतिहासिक विजय को सलाम करते हुए कमान में जवानों की वीरता और समुद्री सुरक्षा के प्रति समर्पण को सम्मानित किया गया।
समारोह में आर्मी कमांडर ने नौसेना के अधिकारियों और पूर्व सैनिकों को उनकी निष्ठा, बहादुरी और उत्कृष्ट सेवा के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि देश की समुद्री सीमाएं नौसेना की सतर्कता से सुरक्षित हैं।
तीनों सेनाओं की संयुक्त क्षमता भारत की रणनीतिक ताकत को और मजबूती देती है। कार्यक्रम के दौरान सभी रैंकों के बीच तालमेल, अनुशासन और राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोपरि रखने का संदेश प्रमुखता से उभरकर सामने आया।
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