बीबीएन,बीकानेर। सीमा सुरक्षा बल (BSF) के सेवानिवृत्त महानिरीक्षक (IG) और वर्ल्ड पुलिस एंड फायर सर्विसेज गेम्स के स्वर्ण पदक विजेता पुष्पेंद्र सिंह राठौड़ ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। बेंगलुरु में 8 से 10 जून तक आयोजित प्रतिष्ठित ऑल इंडिया सीनियर AVT चैंपियंस टूर में उन्होंने अपने आयु वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए ‘बेस्ट गोल्फर’ का खिताब अपने नाम किया। देशभर से आए 120 से अधिक अनुभवी गोल्फरों के बीच हासिल की गई यह उपलब्धि न केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि बीकानेर और राजस्थान के लिए भी गौरव का विषय बन गई है।
उम्र नहीं, जुनून बना सफलता का आधार
खेल जगत में अक्सर माना जाता है कि प्रतिस्पर्धी स्तर पर सफलता युवाओं का क्षेत्र है, लेकिन पुष्पेंद्र सिंह राठौड़ ने इस धारणा को चुनौती दी है। अंतरराष्ट्रीय बास्केटबॉल खिलाड़ी से राष्ट्रीय स्तर के चैंपियन गोल्फर बनने तक का उनका सफर अनुशासन, फिटनेस और खेल के प्रति समर्पण का उदाहरण माना जा रहा है।
बीकानेर को दिलाई गोल्फ मानचित्र पर पहचान
राठौड़ की उपलब्धियां केवल व्यक्तिगत स्तर तक सीमित नहीं हैं। उन्होंने बीकानेर स्थित BSF परिसर में विश्वस्तरीय ‘पेबल एंड सैंड BSF गोल्फ क्लब (PSRTA)’ की परिकल्पना और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। रेगिस्तानी इलाके में विकसित यह 18-होल गोल्फ कोर्स आज पश्चिमी राजस्थान में गोल्फ गतिविधियों का प्रमुख केंद्र माना जाता है।
खेल के साथ सुरक्षा ढांचे में भी छोड़ी अमिट छाप
राठौड़ का योगदान केवल खेल तक सीमित नहीं रहा। BSF में सेवाकाल के दौरान उन्होंने भारत-पाकिस्तान सीमा पर कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का नेतृत्व किया। रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण सांचू बॉर्डर आउटपोस्ट (BOP) की मूल अवधारणा और विकास भी उनके कार्यकाल में हुआ था। हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah के सांचू दौरे के दौरान स्थानीय लोगों और सीमावर्ती क्षेत्र के निवासियों ने राठौड़ की दूरदर्शी सोच और योगदान को याद किया। इससे उनके प्रशासनिक और रणनीतिक नेतृत्व की चर्चा एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर हुई।



