बीबीएन, नेटवर्क | भारत-पाक सीमा पर देर रात हुई फायरिंग के बाद एक बार फिर तनाव चरम पर है। दोनों तरफ से हुई गोलीबारी के बाद सरहद पर सुरक्षा ओर चौकस कर दी गई है। रक्षा सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक यह घटना उस समय हुई जब भारतीय सेना सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए हाई-टेक सर्विलांस सिस्टम स्थापित कर रही थी। जवाबी कार्रवाई के बाद हालात नियंत्रण में रहे और किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है। वहीं, जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में आतंकवाद विरोधी अभियान के तहत जंगलों में तलाशी तेज कर दी गई है, जहां हालिया मुठभेड़ में एक जवान शहीद हुआ था।
सेना ने दिया मुंह तोड़ जवाब
रक्षा सूत्रों के अनुसार, केरन सेक्टर के संवेदनशील इलाके में तकनीकी निगरानी को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से भारतीय सेना की एक इकाई आधुनिक कैमरे और निगरानी उपकरण स्थापित कर रही थी। इसी दौरान सीमा पार से सीमित फायरिंग की गई, जिसका भारतीय जवानों ने संतुलित और नियंत्रित तरीके से जवाब दिया। स्थिति को बिगड़ने से रोकते हुए सेना ने क्षेत्र में अतिरिक्त निगरानी बढ़ा दी है। घने जंगलों और कठिन भू-भाग वाले इस सेक्टर में घुसपैठ की आशंका को ध्यान में रखते हुए व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया गया है। सेना का फोकस सर्दियों के दौरान पारंपरिक मार्गों पर नजर रखने और संभावित ब्लाइंड स्पॉट को खत्म करने पर है।
दूसरी ओर, जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के ऊपरी इलाकों में भी सुरक्षा बलों की सक्रियता बढ़ी हुई है। हालिया अभियान के दौरान आतंकवादियों के अस्थायी ठिकानों का पता चला है, जहां से सर्दियों के उपयोग का सामान बरामद किया गया। वरिष्ठ पुलिस और अर्धसैनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर अभियान की निगरानी कर रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियां पूरे क्षेत्र में शांति बनाए रखने और किसी भी खतरे को समय रहते निष्क्रिय करने के लिए सतर्क हैं।



