बीबीएन, नेटवर्क। सप्त शक्ति कमान के तत्वावधान में जयपुर मिलिट्री स्टेशन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को सैन्य क्षमता बढ़ाने वाले प्रमुख उपकरण के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से एक उच्चस्तरीय सेमिनार आयोजित किया गया। ‘AI एक फोर्स मल्टीप्लायर – रणनीतिक जागरूकता एवं जिम्मेदार तैयारी’ विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम में रक्षा विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और विश्वविद्यालयों के छात्रों ने भाग लिया। सेमिनार में AI के वैश्विक रणनीतिक उपयोग, साइबर एवं सूचना युद्ध की चुनौतियों और जिम्मेदार तकनीकी उपयोग पर विशेष चर्चा हुई।
रणनीतिक और तकनीकी आयामों पर केंद्रित चर्चा
सेमिनार में विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि आधुनिक युद्ध केवल पारंपरिक हथियारों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसमें साइबर सुरक्षा, डेटा विश्लेषण और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका निर्णायक बन चुकी है। कर्नल आर. डी. शर्मा, स्क्वाड्रन लीडर विभूति मंगल (सेवानिवृत्त) और एमएनआईटी के सहायक प्रोफेसर डॉ. महिपाल जडेजा ने AI और मशीन लर्निंग के सैन्य एकीकरण, साइबर खतरों और शिक्षा क्षेत्र में जनरेटिव AI के उपयोग पर विस्तार से विचार प्रस्तुत किए।
विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि चैटजीपीटी जैसे उपकरणों ने दैनिक जीवन और पेशेवर कार्यों में तेजी से बदलाव लाया है, जिससे निर्णय लेने की प्रक्रिया अधिक प्रभावी और डेटा-आधारित हो रही है।
छात्रों और विशेषज्ञों के बीच संवाद का मंच
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्रों ने भाग लिया और विशेषज्ञों से सीधे संवाद किया। प्रश्नोत्तर सत्र में प्रतिभागियों ने AI के नैतिक उपयोग, सुरक्षा जोखिमों और भविष्य की संभावनाओं पर महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए। विशेषज्ञों ने संतुलित और सुरक्षित उपयोग के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देशों की आवश्यकता पर बल दिया।
ज्ञान शक्ति थिंक टैंक की निरंतर पहल
ज्ञान शक्ति थिंक टैंक द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम उसके निरंतर प्रयासों का हिस्सा है। नवंबर 2024 से अब तक यह मंच विभिन्न सामरिक विषयों पर नौ सफल सेमिनार आयोजित कर चुका है। इसका उद्देश्य रक्षा और रणनीतिक मुद्दों पर गंभीर बौद्धिक विमर्श को बढ़ावा देना है।
जिम्मेदार AI उपयोग और नीतिगत ढांचे की आवश्यकता
समापन सत्र में चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल पी. एस. शेखावत ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग केवल तकनीकी दक्षता तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसमें निगरानी, जवाबदेही और साइबर सुरक्षा के मजबूत मानकों को भी शामिल करना आवश्यक है। उन्होंने सुरक्षित और प्रभावी AI उपयोग के लिए व्यापक नीतियों के विकास पर जोर दिया।





