बीबीएन,बीकानेर। अंतरराष्ट्रीय सीमा पार से ड्रोन के माध्यम से अवैध हथियार तस्करी के मामले में बीकानेर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसका संबंध पाकिस्तान आधारित ड्रग सिंडिकेट और हथियार तस्करों से बताया जा रहा है। जांच में सामने आया है कि विदेशी पिस्टल और भारी मात्रा में कारतूस ड्रोन के जरिए भारतीय सीमा में गिराए जा रहे थे। मामले में पहले भी 5 विदेशी पिस्टल और 325 जिंदा कारतूस बरामद किए जा चुके हैं।
पुलिस के अनुसार यह पूरा नेटवर्क सीमा पार बैठे तस्करों, पंजाब के अपराधियों और अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट के गठजोड़ से संचालित हो रहा था। जांच एजेंसियों को आशंका है कि अवैध हथियारों की यह खेप देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकती थी। फिलहाल पुलिस ड्रोन ड्रॉपिंग नेटवर्क, हथियारों की सप्लाई चेन और इसमें शामिल अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
खेत में मिला था हथियारों का जखीरा
जानकारी के अनुसार 26 फरवरी 2026 को बीकानेर जिले के खाजूवाला क्षेत्र में चक 24 केएनडी के पास संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर पुलिस ने तलाशी अभियान चलाया था। इस दौरान खेत में छिपाकर रखी गई 5 विदेशी पिस्टल और 325 जिंदा कारतूस बरामद हुए थे। मामले में खाजूवाला थाने में आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी निगरानी, खुफिया सूचनाओं और स्थानीय स्तर पर पूछताछ के आधार पर कई अहम सुराग जुटाए। इसके बाद सामने आया कि हथियारों की खेप पाकिस्तान से ड्रोन के माध्यम से भारतीय सीमा में भेजी गई थी।
जेल में बंद आरोपी पर साजिश रचने का आरोप
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि पंजाब की फरीदकोट जेल में बंद एक आरोपी ने इस पूरी साजिश को अंजाम देने में अहम भूमिका निभाई। आरोपी पर पहले से ही मादक पदार्थ तस्करी, अवैध हथियार और संगठित अपराध से जुड़े कई मामले दर्ज हैं। बताया जा रहा है कि आरोपी पाकिस्तान स्थित ड्रग सिंडिकेट के संपर्क में था और उसी के जरिए हथियारों की सप्लाई करवाई जा रही थी। सूत्रों के अनुसार ड्रोन के गिरने के दौरान तकनीकी गड़बड़ी के कारण वह दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसके बाद पुलिस को पूरे नेटवर्क का सुराग मिला।
अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की जांच तेज
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला केवल हथियार तस्करी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध से जुड़े हो सकते हैं। सुरक्षा एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन हथियारों का इस्तेमाल किन गतिविधियों के लिए किया जाना था और इसके पीछे कौन-कौन लोग सक्रिय हैं।
फिलहाल गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ जारी है और कई अन्य संदिग्धों की तलाश की जा रही है। जांच एजेंसियों ने सीमा क्षेत्रों में निगरानी और सतर्कता भी बढ़ा दी है।




