बीबीएन,बीकानेर। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए राज्य स्तरीय समान परीक्षा को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है। विभाग ने कक्षा 9 और 11 के विद्यार्थियों की परीक्षा तैयारी को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से सभी संभागीय संयुक्त निदेशकों और स्कूल शिक्षा अधिकारियों को विस्तृत निर्देश भेजे हैं। नए निर्देशों में समय पर पाठ्यक्रम पूर्ण कराने, नियमित पुनरावृत्ति, मॉडल पेपर अभ्यास और कठिन विषयों पर विशेष ध्यान देने को प्राथमिकता दी गई है। साथ ही शिक्षकों को विद्यार्थियों की दैनिक शैक्षणिक समीक्षा कर परीक्षा के अनुकूल सकारात्मक वातावरण तैयार करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
माध्यमिक शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि राज्य स्तरीय समान परीक्षा के बेहतर परिणामों के लिए विद्यालय स्तर पर सुनियोजित तैयारी सुनिश्चित की जाए। विभाग ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा से पहले पूरे पाठ्यक्रम का समुचित अध्ययन कराया जाए और विद्यार्थियों को नियमित रिवीजन के माध्यम से विषयों की पुनरावृत्ति कराई जाए। इसके लिए मॉडल प्रश्नपत्रों के अभ्यास पर भी विशेष बल दिया गया है।
निर्देशों के अनुसार जिन विषयों में विद्यार्थियों को अधिक कठिनाई होती है, वहां अतिरिक्त शैक्षणिक सहयोग दिया जाएगा। शिक्षकों को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वे विद्यार्थियों की तैयारी की प्रतिदिन समीक्षा करें और कमजोर पक्षों को समय रहते सुधारें। विभाग का मानना है कि नियमित मार्गदर्शन और अनुशासित अध्ययन वातावरण से विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ेगा और परीक्षा परिणामों में सुधार आएगा।
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि कक्षा 10 और 12 की परीक्षाएं पूर्व निर्धारित माध्यमिक शिक्षा बोर्ड पैटर्न के अनुसार ही आयोजित होंगी। सभी अधिकारियों और विद्यालय प्रशासन को निर्देशों की शत-प्रतिशत पालना सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।
शिक्षा विभाग के इस निर्णय को आगामी शैक्षणिक सत्र में परीक्षा व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित और परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि समयबद्ध पाठ्यक्रम और नियमित अभ्यास से विद्यार्थियों पर परीक्षा का दबाव कम होगा तथा उनकी तैयारी अधिक मजबूत बन सकेगी।



