बीबीएन,बीकानेर। अपरा एकादशी के पावन अवसर पर जयपुर रोड स्थित श्याम मंदिर में शनिवार को आस्था और भक्ति का विराट संगम देखने को मिला। सुबह से ही बाबा श्याम के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। विशेष पुष्प श्रृंगार, भव्य सजावट, भजन-कीर्तन, जल सेवा और फल प्रसाद वितरण ने पूरे मंदिर परिसर को भक्तिमय वातावरण में बदल दिया। भीषण गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालु नंगे पैर बाबा के दरबार में पहुंचे और सुख-समृद्धि की कामना करते हुए पूजा-अर्चना की।
अपरा एकादशी को लेकर मंदिर प्रशासन ने विशेष तैयारियां की थीं। बाबा श्याम का आकर्षक श्रृंगार दिल्ली और बेंगलुरु से मंगाए गए विशेष फूलों से किया गया। रंग-बिरंगे पुष्पों से सजे दरबार की छटा देखते ही बन रही थी। मंदिर परिसर में प्रवेश करते ही श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव हुआ। फूलों की सेवा और विशेष पोशाक अर्पित करने के लिए भक्तों में कई दिनों पहले से उत्साह बना हुआ था।
मंदिर में दिनभर भक्ति रस की अविरल धारा बहती रही। “क्यों घबराऊं मैं, मेरा तो श्याम से नाता है”, “मुझसे रूठना ना श्याम सांवरे” और “मेरी लाज रखना” जैसे मधुर भजनों ने वातावरण को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया। श्रद्धालु देर रात तक भजन-कीर्तन में लीन होकर बाबा श्याम का गुणगान करते रहे।
गर्मी को ध्यान में रखते हुए मंदिर प्रशासन और सेवाभावी भक्तों की ओर से व्यापक व्यवस्थाएं की गईं। श्रद्धालुओं के लिए एयर कंडीशनर, ठंडे जल और शीतल फलों की विशेष व्यवस्था रही। तरबूज सहित विभिन्न फलों का प्रसाद वितरित किया गया। जल सेवा और प्रसाद वितरण का कार्य पूरे दिन लगातार चलता रहा, जिससे श्रद्धालुओं को राहत मिली।
श्रद्धालुओं की आस्था का दृश्य भी भावुक करने वाला रहा। महिलाएं छोटे बच्चों को गोद में लेकर बाबा के दर्शन करने पहुंचीं, वहीं कई भक्त नंगे पैर मंदिर पहुंचे। अनेक श्रद्धालुओं ने नारियल पर अपनी मनोकामनाएं लिखकर बाबा के चरणों में अर्जी लगाई और परिवार की सुख-समृद्धि की प्रार्थना की। मंदिर के पुजारियों द्वारा विशेष भोग अर्पित कर विधिपूर्वक पूजा सम्पन्न करवाई गई। श्रद्धालुओं ने अपरा एकादशी के इस आयोजन को भक्ति, सेवा और समर्पण का अनुपम उत्सव बताया। देर शाम तक मंदिर परिसर “जय श्री श्याम” के जयकारों से गूंजता रहा।




