बीबीएन, नेटवर्क। नेपाल ने भारत पर अपने हवाई क्षेत्र के उल्लंघन का गंभीर आरोप लगाया है। दारचुला जिले के ब्यास क्षेत्र में भारतीय सैन्य हेलिकॉप्टर के घुसने की घटना 10 जून को सुबह करीब 10 बजे हुई। नेपाली अधिकारियों के अनुसार, यह हेलिकॉप्टर इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस (ITBP) के महानिदेशक शत्रुजीत सिंह कपूर को लेकर कालापानी क्षेत्र की ओर जा रहा था। नेपाल का दावा है कि विमान ने बिना पूर्व अनुमति के छंगरू गांव के ऊपर उड़ान भरी, जिससे स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश है। घटना के बाद नेपाल ने आधिकारिक स्पष्टीकरण मांगा है।
क्या है पूरा मामला?
दारचुला के असिस्टेंट चीफ डिस्ट्रिक्ट ऑफिसर मोहन सिंह धामी ने पुष्टि की है कि भारतीय सैन्य हेलिकॉप्टर ने निर्धारित रास्तों का पालन करने के बजाय सीधे नेपाली क्षेत्र से उड़ान भरी। धामी ने स्पष्ट किया कि उस दिन मौसम पूरी तरह साफ था, ऐसे में किसी भी तकनीकी खराबी या आपात स्थिति का बहाना नहीं बनाया जा सकता। नेपाल की आर्म्ड पुलिस फोर्स (APF) ने इस घटना की रिपोर्ट तुरंत काठमांडू स्थित गृह मंत्रालय को भेजी है। अब स्थानीय प्रशासन ने भारत के पिथौरागढ़ स्थित जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय को पत्र लिखकर आधिकारिक जवाब मांगा है।
स्थानीय लोगों का गुस्सा और सुरक्षा का मुद्दा
छंगरू गांव के स्थानीय निवासियों ने इस घटना को अपनी निजता और संप्रभुता में दखल बताया है। एक प्रत्यक्षदर्शी ने कांतिपुर मीडिया को बताया कि हेलिकॉप्टर रिहायशी इलाकों के इतने करीब था कि लोग घरों से बाहर निकल आए और विरोध प्रदर्शन किया। आमतौर पर भारतीय विमान महाकाली नदी के साथ-साथ उड़ान भरते हैं, लेकिन इस बार सीधे घरों के ऊपर से गुजरने के कारण इसे जानबूझकर किया गया उल्लंघन माना जा रहा है।
पृष्ठभूमि और राजनयिक प्रभाव
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब दोनों देशों के बीच पहले से ही सीमा विवाद चल रहा है। हाल ही में काठमांडू के मेयर बालेन शाह के बयानों ने भी राजनयिक हलकों में हलचल मचाई थी। हालांकि, नेपाल के विदेश मंत्रालय ने उन बयानों से खुद को अलग कर लिया था, लेकिन दारचुला क्षेत्र कालापानी-लिपुलेख विवाद के केंद्र में रहा है।




