बीबीएन, नेटवर्क। भारतीय सेना की पश्चिमी सीमाओं की सुरक्षा से जुड़ी सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक कमानों में शामिल साउथ वेस्टर्न कमांड को नया नेतृत्व मिल गया है। लेफ्टिनेंट जनरल मोहित मल्होत्रा (AVSM, SM) ने बुधवार को जयपुर स्थित दक्षिण पश्चिम कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (GOC-in-C) का कार्यभार संभाल लिया। करीब 37 वर्षों के सैन्य अनुभव, सियाचिन से लेकर रेगिस्तानी मोर्चों तक नेतृत्व, पूर्वी कमान में चीफ ऑफ स्टाफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी और सैन्य रणनीति व आधुनिकीकरण में विशेषज्ञता रखने वाले लेफ्टिनेंट जनरल मल्होत्रा ऐसे समय कमान संभाल रहे हैं, जब पश्चिमी थिएटर का सामरिक महत्व लगातार बढ़ रहा है।
कई अहम सैन्य अभियानों का नेतृत्व
जून 1989 में 47 आर्मर्ड रेजिमेंट से भारतीय सेना में कमीशन प्राप्त करने वाले लेफ्टिनेंट जनरल मोहित मल्होत्रा ने अपने सैन्य जीवन में अनेक चुनौतीपूर्ण दायित्व निभाए हैं। उन्होंने कमांड, स्टाफ और प्रशिक्षण से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं। जयपुर आने से पहले वे मुख्यालय पूर्वी कमान में चीफ ऑफ स्टाफ के रूप में कार्यरत थे, जहां उन्होंने ऑपरेशनल तैयारियों, संस्थागत समन्वय और संगठनात्मक दक्षता को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई।
सियाचिन से डेजर्ट कोर तक संभाली महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां
लेफ्टिनेंट जनरल मल्होत्रा ने भारतीय सेना के सबसे संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में नेतृत्व किया है। उनके नेतृत्व में सियाचिन ग्लेशियर, आर्मर्ड रेजिमेंट, स्वतंत्र आर्मर्ड ब्रिगेड, आर्मर्ड डिवीजन और डेजर्ट कोर जैसी महत्वपूर्ण सैन्य संरचनाओं का संचालन हुआ। इन जिम्मेदारियों ने उन्हें बहु-आयामी सैन्य अभियानों की योजना और संचालन का व्यापक अनुभव प्रदान किया।
रणनीतिक योजना और आधुनिक सैन्य सोच में विशेषज्ञ
सैन्य संचालन के अलावा लेफ्टिनेंट जनरल मल्होत्रा ऑपरेशनल प्लानिंग, मिलिट्री इंटेलिजेंस, लॉजिस्टिक्स, पर्सनल मैनेजमेंट, तकनीकी नवाचार और स्ट्रैटेजिक कम्युनिकेशन जैसे क्षेत्रों में भी व्यापक अनुभव रखते हैं। उनकी कार्यशैली आधुनिक सैन्य क्षमताओं के विकास और संगठनात्मक सुधार पर केंद्रित रही है।
उच्च शिक्षा और उत्कृष्ट प्रशिक्षण से समृद्ध सैन्य प्रोफाइल
उन्होंने रक्षा अध्ययन में दो मास्टर डिग्रियां प्राप्त की हैं, जिनमें एक किंग्स कॉलेज, लंदन से है। इसके अलावा राजनीति विज्ञान तथा रक्षा एवं सामरिक अध्ययन में एम.फिल. की उपाधियां भी हासिल की हैं। एडवांस्ड कमांड एंड स्टाफ कोर्स, हायर एयर कमांड कोर्स और नेशनल डिफेंस कॉलेज जैसे प्रतिष्ठित सैन्य संस्थानों से प्रशिक्षण प्राप्त करने के साथ उन्होंने कई पाठ्यक्रमों में शीर्ष स्थान भी हासिल किया।
नेतृत्व का केंद्र—आधुनिकीकरण और सैनिक कल्याण
लेफ्टिनेंट जनरल मल्होत्रा को स्पष्ट रणनीतिक सोच, प्रभावी नेतृत्व और त्वरित निर्णय क्षमता के लिए जाना जाता है। वे सैन्य आधुनिकीकरण, नवाचार, उच्च ऑपरेशनल मानकों तथा सैनिकों के मनोबल, कल्याण और पेशेवर विकास को समान महत्व देने वाले अधिकारियों में शामिल हैं। राष्ट्र के प्रति उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM) और सेना मेडल (SM) से सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा उन्हें विभिन्न सेना कमांडरों और थल सेनाध्यक्ष की प्रशस्तियां भी प्राप्त हुई हैं।
पश्चिमी सैक्टर में बढ़ती चुनौतियों के बीच नई जिम्मेदारी
रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार वर्तमान समय में पश्चिमी सीमा का सामरिक महत्व लगातार बढ़ रहा है। ऐसे परिदृश्य में साउथ वेस्टर्न कमांड की कमान एक ऐसे अधिकारी को सौंपी गई है, जिनके पास ऑपरेशनल अनुभव, रणनीतिक दृष्टि और संगठनात्मक नेतृत्व का व्यापक अनुभव है। माना जा रहा है कि उनके नेतृत्व में यह कमान राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमा सुरक्षा के लक्ष्यों को और अधिक मजबूती प्रदान करेगी।







