बीबीएन, नेटवर्क । भारतीय सेना की साउथ वेस्टर्न कमांड (सप्त शक्ति कमांड) में मंगलवार को नेतृत्व परिवर्तन हुआ। लेफ्टिनेंट जनरल मंजिंदर सिंह ने जयपुर स्थित मुख्यालय में कमान सौंपने के साथ ही लगभग 40 वर्षों के अपने गौरवशाली सैन्य सेवाओं को विराम दिया । सेवानिवृत्ति से पहले उन्होंने प्रेरणा स्थल पहुंचकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके कार्यकाल में कमांड की ऑपरेशनल क्षमता, आधुनिक सैन्य तकनीकों का समावेश और ऑपरेशन सिंदूर के दौरान रणनीतिक नेतृत्व विशेष रूप से चर्चा में रहा। उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें परम विशिष्ट सेवा मेडल सहित कई प्रतिष्ठित सैन्य सम्मान प्राप्त हो चुके हैं।
कई संवेदनशील मोर्चों पर निभाई जिम्मेदारी
राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, खड़कवासला और भारतीय सैन्य अकादमी, देहरादून से प्रशिक्षण प्राप्त लेफ्टिनेंट जनरल मंजिंदर सिंह दिसंबर 1986 में 19 मद्रास रेजिमेंट में कमीशन हुए थे। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियानों का नेतृत्व किया तथा नियंत्रण रेखा पर इन्फैंट्री ब्रिगेड, डिवीजन और कोर जैसी महत्वपूर्ण सैन्य संरचनाओं की कमान संभाली। पश्चिमी सीमा पर भी उन्होंने अनेक चुनौतीपूर्ण दायित्व सफलतापूर्वक निभाए।
रणनीतिक नीति निर्माण में भी निभाई अहम भूमिका
सैन्य अभियानों के अलावा उन्होंने भारतीय सैन्य अकादमी में प्रशिक्षक और प्लाटून कमांडर के रूप में भविष्य के अधिकारियों को तैयार किया। भूटान में इंडियन मिलिट्री ट्रेनिंग टीम में भी उन्होंने महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई। इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ में नीति, योजना और फोर्स डेवलपमेंट से जुड़े वरिष्ठ पदों पर रहते हुए उन्होंने रक्षा रणनीति को मजबूत बनाने में योगदान दिया। वर्ष 2021 से वे मद्रास रेजिमेंट के कर्नल ऑफ द रेजिमेंट की जिम्मेदारी भी निभा रहे थे।
सप्त शक्ति कमांड को आधुनिक सैन्य क्षमता की ओर बढ़ाया
1 जुलाई 2024 को साउथ वेस्टर्न कमांड की कमान संभालने के बाद उन्होंने सैन्य तैयारियों को नई दिशा दी। उनके नेतृत्व में कमांड ने आधुनिक तकनीक, समन्वित संचालन और नई कार्यप्रणालियों को अपनाकर अपनी युद्धक क्षमता को मजबूत किया। विशेष रूप से ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उनके रणनीतिक निर्णयों ने कमांड की तैयारी और संचालन दक्षता को नई पहचान दिलाई।
उत्कृष्ट सेवाओं के लिए मिले कई प्रतिष्ठित सैन्य सम्मान
राष्ट्र सेवा में उल्लेखनीय योगदान के लिए लेफ्टिनेंट जनरल मंजिंदर सिंह को वर्ष 2026 में परम विशिष्ट सेवा मेडल (PVSM), वर्ष 2024 में अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM), वर्ष 2019 में विशिष्ट सेवा मेडल (VSM) तथा वर्ष 2015 में युद्ध सेवा मेडल (YSM) से सम्मानित किया जा चुका है।
विदाई संदेश में सैनिकों और पूर्व सैनिकों का जताया आभार
कमान हस्तांतरण के अवसर पर उन्होंने सभी सैन्य अधिकारियों, जवानों, वीर नारियों, पूर्व सैनिकों, रक्षा नागरिक कर्मचारियों और उनके परिवारों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने सभी से सप्त शक्ति कमांड के आदर्श वाक्य “हमेशा विजयी” (Forever Victorious) को जीवन में उतारते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।






