बीबीएन, नेटवर्क। भारत की पश्चिमी सीमाओं की सुरक्षा व्यवस्था और सेना की ऑपरेशनल तैयारियों की व्यापक समीक्षा के तहत सप्त शक्ति कमांड के आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मंजिंदर सिंह ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने सैन्य गठन की मौजूदा ऑपरेशनल स्थिति, सभी सैन्य क्षेत्रों में युद्धक तैयारियों, राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े प्रमुख मुद्दों तथा कमांड की रणनीतिक प्राथमिकताओं से रक्षा मंत्री को अवगत कराया। यह मुलाकात लेफ्टिनेंट जनरल मंजिंदर सिंह के आर्मी कमांडर के कार्यकाल के समापन से पहले हुई, जिसमें राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति कमांड की प्रतिबद्धता दोहराई गई।
रक्षा मंत्री के समक्ष ऑपरेशनल तैयारियों का विस्तृत प्रस्तुतिकरण
सप्त शक्ति कमांड के आर्मी कमांडर ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को पश्चिमी मोर्चे पर सेना की तैयारियों और सैन्य गठन की वर्तमान स्थिति की जानकारी दी। बैठक में सीमाई सुरक्षा, सामरिक समन्वय और विभिन्न सैन्य क्षेत्रों में निरंतर उच्च स्तर की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा हुई।
सभी सैन्य क्षेत्रों में सतत तैयारियों पर रहा विशेष जोर
बैठक के दौरान सेना की युद्धक क्षमता को और मजबूत बनाए रखने, बदलते सुरक्षा परिदृश्य के अनुरूप तैयारियों को निरंतर अद्यतन रखने तथा राष्ट्रीय सुरक्षा लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए आवश्यक रणनीतिक उपायों पर विचार-विमर्श किया गया।
राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई
आर्मी कमांडर ने स्पष्ट किया कि सप्त शक्ति कमांड देश की सुरक्षा आवश्यकताओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए हर परिस्थिति में पूर्ण ऑपरेशनल तत्परता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। कमांड का उद्देश्य सीमाओं की सुरक्षा के साथ-साथ राष्ट्रीय रक्षा लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से पूरा करना है।
कार्यकाल के समापन से पहले महत्वपूर्ण मुलाकात
यह मुलाकात लेफ्टिनेंट जनरल मंजिंदर सिंह के आर्मी कमांडर के कार्यकाल के समापन से पहले हुई। विदाई से पूर्व आयोजित इस बैठक को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण समन्वय और सैन्य नेतृत्व की निरंतरता के दृष्टिकोण से अहम माना जा रहा है।




