नरेंद्र आर्य | बीबीएन, नेटवर्क। उत्तर भारत में सक्रिय मानसून के बावजूद सतलुज, ब्यास और रावी नदियों पर बने तीन प्रमुख बांध—भाखड़ा, पोंग और थीन—अब भी अपनी पूर्ण जल भंडारण क्षमता से काफी नीचे हैं। 15 जुलाई की सुबह जारी ताजा जलस्तर रिपोर्ट के अनुसार भाखड़ा बांध अपनी कुल क्षमता के 44.22 प्रतिशत, पोंग 37.10 प्रतिशत और थीन 50.77 प्रतिशत तक ही भरा हुआ है। तीनों जलाशयों में जल आवक और निकासी का क्रम जारी है, जबकि घग्घर नदी के विभिन्न निगरानी बिंदुओं पर भी जलप्रवाह दर्ज किया गया है।
तीनों प्रमुख बांधों का ताजा जलस्तर
भाखड़ा बांध का जलस्तर सुबह 6 बजे 1581.61 फीट दर्ज किया गया। इसमें 2.617 मिलियन एकड़ फीट (MAF) पानी संग्रहित है, जो कुल क्षमता का 44.22 प्रतिशत है। एक वर्ष पहले इसी दिन जलस्तर 1593.86 फीट और भंडारण 2.903 MAF था। वर्तमान में बांध में 34,558 क्यूसेक पानी की आवक और 26,207 क्यूसेक की निकासी हो रही है।
पोंग बांध (ब्यास नदी)
पोंग बांध का जलस्तर 1322.68 फीट रिकॉर्ड किया गया। इसमें 2.273 MAF पानी उपलब्ध है, जो इसकी कुल क्षमता का 37.10 प्रतिशत है। पिछले वर्ष इसी दिन जलस्तर 1328.29 फीट और भंडारण 2.476 MAF था। आज यहां 16,012 क्यूसेक पानी की आवक तथा 18,200 क्यूसेक की निकासी दर्ज की गई।
थीन बांध (रावी नदी)
थीन बांध का जलस्तर 1647.85 फीट दर्ज किया गया है। इसमें 1.352 MAF जल भंडारण है, जो कुल क्षमता का 50.77 प्रतिशत है। पिछले वर्ष इसी दिन जलस्तर 1658.44 फीट तथा भंडारण 1.48 MAF था। वर्तमान में बांध में 6,195 क्यूसेक पानी की आवक और 12,789 क्यूसेक की निकासी हो रही है।
घग्घर नदी में जलप्रवाह की स्थिति
15 जुलाई 2026 को सुबह 8 बजे जारी आंकड़ों के अनुसार घग्घर नदी में विभिन्न स्थानों पर जलप्रवाह इस प्रकार दर्ज किया गया—
गुलाचिका : 1848 क्यूसेक
खनोरी : 2775 क्यूसेक
चांदपुर : 3950 क्यूसेक
ओटू : 1600 क्यूसेक
घग्घर साइफन : 0 क्यूसेक
नालीबेड : 0 क्यूसेक
घग्घर डाइवर्सन चैनल (42 आरडी डाउन) : 0 क्यूसेक





