बीबीएन, नेटवर्क। पश्चिम बंगाल की राजनीति में ऐतिहासिक बदलाव के बीच बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की। कोलकाता के ब्रिगेड परेड मैदान में आयोजित भव्य समारोह में राज्यपाल आर. एन. रवि ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसके साथ ही पश्चिम बंगाल में पहली बार भारतीय जनता पार्टी की सरकार अस्तित्व में आ गई। समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, राजनाथ सिंह सहित कई केंद्रीय मंत्री, NDA शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के साथ ही शुभेंदु अधिकारी ने नई सरकार के गठन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया। उनके साथ बीजेपी के पांच नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली, जिनमें दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया, खुदीराम टुडु और निशीथ प्रमाणिक शामिल हैं। नई कैबिनेट में सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने का प्रयास साफ दिखाई दिया।
207 सीटों के साथ BJP को मिला स्पष्ट बहुमत
2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने रिकॉर्ड प्रदर्शन करते हुए 207 सीटों पर जीत दर्ज की। लंबे समय से सत्ता में रही तृणमूल कांग्रेस को 80 सीटों तक सीमित रहना पड़ा। चुनाव परिणामों को राज्य की राजनीति में बड़े परिवर्तन के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, जनता ने इस बार बदलाव के पक्ष में निर्णायक मतदान किया।
भवानीपुर और नंदीग्राम में शुभेंदु की बड़ी जीत
शुभेंदु अधिकारी ने चुनाव में भवानीपुर और नंदीग्राम दोनों सीटों पर जीत हासिल कर अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत साबित की। भवानीपुर सीट पर उन्होंने ममता बनर्जी को 15,105 मतों के अंतर से पराजित किया। वहीं नंदीग्राम सीट पर भी उन्होंने प्रभावशाली बढ़त के साथ जीत दर्ज की और कुल 1,27,301 वोट प्राप्त किए। मतगणना के दौरान दोनों प्रमुख नेताओं के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली, लेकिन अंतिम दौर में बाजी बीजेपी के पक्ष में गई।
रिकॉर्ड मतदान ने बदला बंगाल का राजनीतिक परिदृश्य
इस विधानसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल में अभूतपूर्व मतदान दर्ज किया गया। पहले चरण में 93.19 प्रतिशत और दूसरे चरण में 91.66 प्रतिशत मतदान हुआ। दोनों चरणों को मिलाकर कुल मतदान प्रतिशत 92.47 रहा, जिसे राज्य के चुनावी इतिहास में सबसे अधिक मतदान में से एक माना जा रहा है। भारी मतदान को सत्ता परिवर्तन का प्रमुख कारण माना जा रहा है।
शपथ समारोह में शक्ति प्रदर्शन
ब्रिगेड परेड मैदान में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह को भाजपा ने शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी प्रस्तुत किया। समारोह स्थल पर बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद रहे। राष्ट्रीय नेतृत्व की उपस्थिति ने कार्यक्रम को राजनीतिक दृष्टि से और अधिक महत्वपूर्ण बना दिया।
पश्चिम बंगाल की राजनीति में नए दौर की शुरुआत
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पश्चिम बंगाल में यह सत्ता परिवर्तन केवल सरकार बदलने तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्य की राजनीतिक दिशा में बड़े बदलाव का संकेत भी है। बीजेपी के लिए यह जीत पूर्वी भारत में संगठनात्मक विस्तार और जनाधार मजबूत होने का प्रमाण मानी जा रही है।



