बीबीएन,बीकानेर। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स और कोडिंग जैसी अत्याधुनिक तकनीकों के दौर में बीकानेर के बच्चे भी तेजी से भविष्य की दुनिया के लिए खुद को तैयार कर रहे हैं। जय नारायण व्यास कॉलोनी स्थित हेमू सर्किल पर संचालित Robo Spark AI & Robotics Academy कक्षा 2 से 10 तक के विद्यार्थियों को AI, रोबोटिक्स, कोडिंग और तकनीकी नवाचारों का प्रशिक्षण देकर उन्हें भविष्य का इनोवेटर बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। अकादमी में बच्चों द्वारा तैयार किए गए विभिन्न नवाचार आधारित प्रोजेक्ट्स और तकनीकी मॉडल्स का प्रदर्शन पत्रकार वार्ता के दौरान किया गया।
पत्रकार वार्ता में अकादमी की निदेशक मल्लिका सप्रा ने बताया कि आज AI और रोबोटिक्स केवल भविष्य की अवधारणा नहीं, बल्कि वर्तमान की आवश्यकता बन चुके हैं। ऐसे में बच्चों को प्रारंभिक स्तर से ही इन तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान देना समय की मांग है। उन्होंने कहा कि अकादमी का उद्देश्य विद्यार्थियों में रचनात्मक सोच, तार्किक क्षमता, समस्या समाधान कौशल और नवाचार की भावना विकसित करना है, जिससे वे डिजिटल युग की चुनौतियों का आत्मविश्वास के साथ सामना कर सकें।
उन्होंने बताया कि अकादमी में विद्यार्थियों को रोबोटिक मॉडल निर्माण, कोडिंग, AI के मूल सिद्धांतों और विभिन्न नवाचार आधारित गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रशिक्षण के दौरान छात्र स्वयं प्रोजेक्ट विकसित करते हैं और वास्तविक जीवन की समस्याओं के तकनीकी समाधान खोजने का प्रयास करते हैं। इससे उनमें विज्ञान और तकनीक के प्रति रुचि बढ़ने के साथ-साथ आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का भी विकास होता है।
मल्लिका सप्रा ने कहा कि AI और रोबोटिक्स शिक्षा विद्यार्थियों में समस्या समाधान, क्रिटिकल थिंकिंग, रचनात्मकता, टीमवर्क, संचार कौशल और नवाचार जैसे 21वीं सदी के महत्वपूर्ण कौशल विकसित करती है। उनका मानना है कि उन्नत तकनीकी शिक्षा केवल महानगरों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी इसके समान अवसर उपलब्ध होने चाहिए।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में AI और रोबोटिक्स का उपयोग स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा, परिवहन और विनिर्माण सहित अनेक क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में विद्यार्थियों को इन तकनीकों से प्रारंभिक स्तर पर जोड़ना उनके भविष्य के करियर, स्टार्टअप और उद्यमिता के लिए लाभदायक साबित होगा। अकादमी विद्यार्थियों को तकनीक का उपयोग करना ही नहीं सिखाती, बल्कि उसके नैतिक और जिम्मेदार उपयोग के प्रति भी जागरूक बनाती है।
अकादमी से जुड़े तौसीफ रजा ने कहा कि अभिभावकों को अपने बच्चों को भविष्य की तकनीकों से जोड़ने के लिए AI और रोबोटिक्स जैसी आधुनिक शिक्षा की ओर प्रेरित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आने वाला समय उन युवाओं का होगा जो तकनीक के केवल उपभोक्ता नहीं, बल्कि उसके निर्माता, नवप्रवर्तक और समाधानकर्ता बनेंगे।
पत्रकार वार्ता के दौरान अकादमी की ओर से विद्यार्थियों द्वारा विकसित विभिन्न तकनीकी प्रोजेक्ट्स और नवाचार आधारित मॉडल्स का प्रदर्शन भी किया गया, जिन्हें उपस्थित लोगों ने सराहा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की पहलें बीकानेर जैसे शहरों में तकनीकी शिक्षा को नई दिशा देने के साथ-साथ विद्यार्थियों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए भी तैयार करेंगी।




